थाना बाबरी क्षेत्र के गांव सोंटा निवासी महिला अनु देवी पत्नी संजीव ने पुलिस अधीक्षक शामली को प्रार्थना पत्र देकर मारपीट, अभद्रता और जान से मारने की धमकी देने के मामले में न्याय की गुहार लगाई है। महिला का आरोप है कि घटना के कई दिन बाद भी थाना पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की।
पीड़िता के अनुसार 17 जून 2026 की सुबह वह अपने घर के सामने सफाई कर रही थी। इसी दौरान गांव के कुछ लोगों ने उसके साथ गाली-गलौज शुरू कर दी। विरोध करने पर आरोपियों गौरव, सचिन एवं इनके पिता हरीश ने लाठी-डंडों और ईंटों से हमला कर दिया, जिससे उसे तथा उसके परिजनों को गंभीर चोटें आईं। शोर सुनकर बीच-बचाव करने पहुंचे मोहल्ले के लोगों के साथ भी मारपीट किए जाने का आरोप लगाया गया है।
महिला का कहना है कि घटना की सूचना पुलिस को दी गई थी और मेडिकल परीक्षण भी कराया गया, लेकिन इसके बावजूद प्राथमिकी दर्ज नहीं की गई। आरोप है कि आरोपित लगातार समझौते का दबाव बना रहे हैं तथा विरोध करने पर झूठे मुकदमे में फंसाने और जान से मारने की धमकी दे रहे हैं।
पीड़िता ने पुलिस अधीक्षक से मामले की निष्पक्ष जांच कराकर आरोपियों के विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई करने तथा परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है।
इस संबंध में जांच अधिकारी संदीप कालखंडे का कहना है कि मामले में प्राप्त प्रार्थना पत्र की जांच की जा रही है। जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।

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