कैराना: अजाखाना-ए-अज़ादारान-ए-हुसैन में "शब बेदारी" के मौके पर मजलिस-ए-अज़ा का आयोजन किया गया। इसमें बड़ी संख्या में अकीदतमंदों ने शिरकत कर हज़रत इमाम हुसैन और शहीदान-ए-कर्बला को खिराज-ए-अकीदत पेश किया।
मजलिस की शुरुआत सोज़ख़्वानी से हुई। सैयद शाहवेज़ ज़ैदी, कुर्रतुल ऐन मेहदी कैरानवी, डॉ. तंजीम हैदर और सैयद अली मेहदी ने सोज़ख़्वानी पेश की। इसके बाद वसी हैदर साक़ी कैरानवी ने अपने हमराह साथियों के साथ नौहाख़्वानी कर माहौल को ग़मगीन बना दिया।
मजलिस को संबोधित करते हुए मौलाना सैयद शेर अब्बास नकवी ने कहा कि कर्बला का वाकया इंसान को हर हाल में सच, सब्र और कुर्बानी का रास्ता अपनाने की सीख देता है। हज़रत इमाम हुसैन और हज़रत अब्बास की कुर्बानियां पूरी इंसानियत के लिए मिसाल हैं। शब बेदारी केवल एक रस्म नहीं, बल्कि कर्बला के पैगाम को अपनी ज़िंदगी में उतारने का संकल्प है। हमें अहलेबैत की मोहब्बत, आपसी भाईचारे, अमन और इंसानियत की खिदमत को अपनी ज़िंदगी का हिस्सा बनाना चाहिए।
मजलिस के बाद हज़रत अब्बास से मंसूब अलम-ए-मुबारक बरामद किया गया। दूर-दराज़ से आए शियान-ए-अली और अन्य अकीदतमंदों ने अलम की ज़ियारत कर दुआएं मांगीं।
कार्यक्रम का संचालन सैयद सलीम हैदर और रजब अली ने संयुक्त रूप से किया। शब बेदारी में अंजुमन पैगाम-ए-हुसैनी सरसावा के रजब ज़ैदी और अर्श ज़ैदी, अंजुमन सरकार अबू तालिब नानौता के फातिब अब्बास, मोहम्मद अब्बास, फैज़ान हुसैन और शायर-ए-मिल्लत शौक नानौतवी तथा थाना भवन की अंजुमन अब्बासिया के अनवर ज़ैदी सहित अन्य नौहाख़्वानों ने नौहाख़्वानी पेश की।
कार्यक्रम के अंत में रजब ज़ैदी, नायाब हैदर एडवोकेट, डॉ. तंजीम हैदर और तहसीन हैदर ने सभी मेहमानों, नौहाख़्वानों और उपस्थित लोगों का आभार व्यक्त किया।
इस अवसर पर मौलाना साजिद अली नकवी, सैयद मनाज़िर हुसैन, अर्शी ज़ैदी, सैयद कमैल मेहदी, काशिफ़ औन, मोहम्मद गाज़ी, मोहम्मद जाफर, फरहत अब्बास, बाबर अली, हसन अली मुज़फ्फरनगरी, मोहम्मद मेहदी, सैयद कल्ब हसन, अर्शी मेहदी थानवी, ज़ैदुल मेहदी, मोहम्मद हादी, शोबी हैदर, नियाज़ अख्तर सहित बड़ी संख्या में मुहिब्बान-ए-अहलेबैत मौजूद रहे। अंत में देश में अमन, भाईचारे और पूरी इंसानियत की सलामती के लिए विशेष दुआ की गई।

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