गत रात्रि नगर के मौहल्ला आल खुर्द स्थित पत्रकार चौधरी सलीम के आवास पर शानदार महफ़िल ए मुशायरा का आयोजन किया गया।
मुशायरा की अध्यक्षता बुजुर्ग शायर हाजी अकबर अंसारी ने की जबकि सफ़ल संचालन युवा शायर डाक्टर अनस आतिफ़ ने की। महफ़िल ए मुशायरा का शुभारंभ कारी मुज़म्मिल की नाते ए पाक से हुआ।
महफ़िल ए मुशायरा में बेरुनी शायरों व स्थानीय शायरों ने अपने अपने बेहतरीन कलाम ऐसे पेश किए
,कुछ लोग मेरे खाब मिटाने में लगे हैं हर वक्त सितम मुझपे वो ढाने मे लगे हैं, सुफियान बुटराडवी,
शाहजादे ने सल्तनत छोड़ी कुछ तो होगा न नौकरानी में,रमीज इश्काबादी,
इसे गाली मोहब्ब्त में उसे भी बेमुरव्वत में ये लहजा खानदानी आदमी का हो नहीं सकता,अनस आतिफ कैरानवी,
दिल न टूटे जब तलक होती नहीं अच्छी गजल इसी लिए शायर मियां को प्यार होना चाहिए,फुरकान आदम कैरानवी,
इक मुनाफिक दोस्त से चालाक दुश्मन ठीक है ये बुजुर्गों की नसीहत मेरे काम आई बहुत, सलीम जावेद क़ासिम पुरी,
ज़िंदगी की रहो मैं ऐसे पल भी आते हैं साथ चलने वाले भी साथ छोड़ जाते हैं, नौशाद बुटराडवी,
ग़रीबी मुफलिसी हाजत अगर तक़दीर बन जाए तो ऐसे में हमेशा दूर हर इन्सान होता है, इरफान खान जिया, क़ातिल के हक में कर दिया मुनसिफ ने फेसला में अपनी आना को बचाने में रह गया, मास्टर अतीक शाद कैरानवी,
होके मायूस तेरे दर से सवाली ना गया , डाक्टर शबाब सिद्दीकी,बाप बोझ ढोता था किया दहेज़ दे पाता इसी लिए वो शहजादी आज तलक कुंवारी है , सलीम चौधरी पत्रकार।
आजकल तो अपने भी पल में रंग बदलते हैं ,
साथ में भी रहते है जहर भी उगलते हैं, (सलीम अख़्तर फारुकी)
सभी शोरा हजरात ने अच्छे और सच्चा कलाम पेश किया वहीं दूसरी ओर मेहमाने खशूसी के रुप में हरदीप सिंह शक्ती सिंह गुरजीत सिंह होशियारपुर जालन्धर पंजाब से तशरीफ़ लाए तथा वाहवाही बटोरी प्रोग्राम का फीटा काटकर मीडिया एकता एसोसिएशन कैराना के अध्यक्ष चौधरी मेहताब शानू ने आगाज़ किया तथा शमा रोशन महासचिव इरफान चौधरी ने किया इस दौरान जावेद आसी आंसु चौधरी सुहैल चौधरी डाक्टर आदिल हसन सालिम अंसारी सन्नी गर्ग डाक्टर मासूम प्रवेज आलम जावेद चौधरी सावेज चौधरी आदि सेंकड़ों लोग मौजूद रहे ।
वहीं
अंत में प्रोग्राम आयोजक वरिष्ठ पत्रकार सलीम चौधरी ने आने वाले शौरा मेहमानों का धन्यवाद किया। बहुत जल्द होगा यौमे आज़ादी पर एक बड़े मुशायरे का आयोजन।

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