आर्य वीर दल पश्चिमी उत्तर प्रदेश के प्रांतीय प्रशिक्षण शिविर के पांचवें दिन शनिवार को प्रशिक्षण गतिविधियां उत्साह और अनुशासन के वातावरण में संपन्न हुईं। मुख्य व्यायाम शिक्षक आचार्य राजकुमार आर्य एवं सचिन आर्य ने आर्य वीरों को रोप मलखंभ, लेजियम, मानव आसन स्तूप संरचना, सैनिक शिक्षा तथा कमांडो प्रशिक्षण का व्यावहारिक अभ्यास कराया। वहीं प्रशिक्षक प्रशांत आर्य, शुभम आर्य और अविचल आर्य ने सूर्य नमस्कार, भूमि नमस्कार, डम्बल, लाठी-भाला एवं विभिन्न योगासनों का प्रशिक्षण दिया।
इसके उपरांत आचार्य राजकुमार आर्य एवं ऋषिपाल आर्य के निर्देशन में आगामी अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के प्रोटोकॉल के अनुरूप योगासनों, सर्वांग सुंदर व्यायाम तथा सूर्य नमस्कार का विशेष अभ्यास कराया गया। प्रशिक्षण के दौरान आर्य वीरों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता करते हुए शारीरिक दक्षता और आत्मअनुशासन का परिचय दिया।
बौद्धिक सत्र में आर्य वीर दल उत्तर प्रदेश के मुख्य संचालक आचार्य पंकज कुमार आर्य ने अनुशासन के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि कठिन परिश्रम, त्याग और तपस्या ही व्यक्ति को महान बनाते हैं। उन्होंने आर्य वीरों को मुस्कुराते हुए आज्ञा का पालन करने, सत्य बोलने, समय की पाबंदी रखने, बहानेबाजी से दूर रहने और निसंकोच कठोर परिश्रम को जीवन का हिस्सा बनाने का आह्वान किया।
उन्होंने कहा कि जैसे अग्नि में तपकर सोना कुंदन बनता है, वैसे ही संघर्ष और साधना से व्यक्तित्व का निर्माण होता है। कार्यक्रम में आर्य वीर दल उत्तर प्रदेश के महामंत्री डॉ. आचार्य कपिल मलिक ने भी आर्य वीरों को संबोधित करते हुए संगठन के आदर्शों पर चलने तथा आचार्य पंकज कुमार आर्य के दिशा-निर्देशों का पालन करने का आह्वान किया। शिविर में अनुशासन, राष्ट्रभक्ति और व्यक्तित्व विकास के संस्कारों का प्रभावी प्रशिक्षण दिया जा रहा है।

0 Comments