कैराना कस्बा पिछले दो दिनों से भीषण गर्मी और पानी संकट से जूझ रहा है। लगातार बिजली गुल रहने और पेयजल आपूर्ति ठप होने से करीब एक लाख की आबादी भारी परेशानी का सामना कर रही है। भीषण गर्मी, उमस और तेज धूप के बीच लोगों का जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। बिजली नहीं होने के कारण लोग पानी की एक-एक बूंद के लिए तरस रहे हैं, जबकि रातभर बड़ी संख्या में परिवार घरों से निकलकर सड़कों और गलियों में समय बिताने को मजबूर रहे।
इस गंभीर संकट को लेकर अब केवल आम जनता ही नहीं, बल्कि शहर का पढ़ा-लिखा वर्ग भी खुलकर सामने आ गया है। इंजीनियर, अधिवक्ता, डॉक्टर और अन्य बुद्धिजीवी सोशल मीडिया के माध्यम से सांसद, विधायक और नगर पालिका चेयरमैन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठा रहे हैं। लोगों का कहना है कि यदि हालात जल्द नहीं सुधरे तो शहर के सामने और बड़ा संकट खड़ा हो सकता है।
स्थानीय सूत्रों के अनुसार, शहर के अलग-अलग इलाकों में लगातार बिजली के फॉल्ट आते रहे। कहीं ट्रांसफार्मर में आग लगने की सूचना मिली तो कहीं बिजली लाइनों में तकनीकी खराबियां बनी रहीं। लोगों का आरोप है कि बिजली विभाग ने समय रहते प्रभावी कार्रवाई नहीं की, जिसके चलते संकट और गहरा गया। स्थानीय लोगों का यह भी कहना है कि बिजलीघर की मुख्य मशीन में तेल की कमी के कारण बार-बार फॉल्ट होते रहे, जिससे आपूर्ति बहाल होने में काफी देरी हुई।
इस दौरान नगर पालिका के वार्ड संख्या-20 के सभासद राशिद उर्फ गड्डू पूरी रात विभिन्न इलाकों में पहुंचकर बिजली आपूर्ति बहाल कराने के प्रयासों में जुटे रहे। कई नागरिकों ने उनकी सक्रियता की सराहना करते हुए कहा कि जो जिम्मेदारी नगर पालिका चेयरमैन और अन्य जिम्मेदार अधिकारियों को निभानी चाहिए थी, उसे एक वार्ड सदस्य निभाता नजर आया।
शहरवासियों ने एसडीएम, अधिशासी अधिकारी (ईओ) और नगर पालिका चेयरमैन से मांग की है कि जनरेटर के माध्यम से तत्काल पेयजल आपूर्ति शुरू कराई जाए और बिजली विभाग के साथ समन्वय कर जल्द से जल्द बिजली व्यवस्था सुचारु कराई जाए।
बिजली-पानी संकट को लेकर सोशल मीडिया पर भी लोगों का गुस्सा खुलकर सामने आ रहा है। अधिवक्ता मेहरबान कुरैशी ने कहा कि कैराना में जनता को मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने का पूरा तंत्र कुछ अधिकारियों और कर्मचारियों के रहमोकरम पर चलता दिखाई देता है, जबकि जनप्रतिनिधि केवल बयान देने तक सीमित हैं। उन्होंने कहा कि विभाग पूरा बिजली बिल वसूलता है, लेकिन उपभोक्ताओं के अधिकारों की रक्षा नहीं हो रही है।
एहसान मिर्जा ने कहा कि सांसद और विधायक को सबसे पहले अपने ही शहर की बदहाल स्थिति पर गंभीरता से विचार करना चाहिए। उनका कहना था कि यदि शहर का यह हाल है तो ग्रामीण क्षेत्रों की स्थिति का सहज अनुमान लगाया जा सकता है।
शायर उस्मान उस्मानी ने कहा कि यह खबर कैराना की जनता के दिल की आवाज है। उन्होंने लोगों से बेहतर नेतृत्व चुनने और हालात में सुधार की दुआ करने की अपील की।
इफ्तिखार अंसारी ने सवाल उठाते हुए कहा कि जब सांसद और विधायक स्वयं कैराना के निवासी हैं तो ऐसी स्थिति में उनकी जिम्मेदारी तय होनी चाहिए।
वहीं इंजीनियर इरफान चौधरी ने जनप्रतिनिधियों पर तंज कसते हुए कहा कि वे कुंभकरण की नींद सो रहे हैं और उन्हें जनता की समस्याओं के प्रति जागना होगा।
लगातार गहराते बिजली और पानी संकट ने कैराना के लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। अब शहरवासियों की निगाहें प्रशासन और जनप्रतिनिधियों पर टिकी हैं कि आखिर इस संकट का स्थायी समाधान कब तक निकलता है।

0 Comments