करनाल-मेरठ हाईवे स्थित कस्बा झिंझाना में हजरत फख्रुल औलिया हजरत सैय्यद इमाम महमूद नसीरुद्दीन सब्ज़वारी रहमतुल्लाह अलैह के 860वें सालाना उर्स मुबारक का सोमवार को भव्य शुभारंभ हुआ। इस अवसर पर शामली के पुलिस अधीक्षक नरेंद्र प्रताप सिंह ने फीता काटकर उर्स एवं मेले का विधिवत उद्घाटन किया।
उद्घाटन से पूर्व मेला कमेटी और स्थानीय गणमान्य लोगों ने एसपी संतोष कुमार का फूल-मालाओं से स्वागत किया। इसके बाद उन्होंने दरगाह शरीफ पर चादर और फूल पेश कर अकीदत का इज़हार किया। इस मौके पर दरगाह के सज्जादानशीन हाजी अमजद अलवी कादरी, प्रबंधक सफदर अलवी कादरी, जनरल सेक्रेटरी बाबर हुसैन कुद्दूसी, संयोजक मोहम्मद अली अलवी कादरी, काजी शान मियां, जीशान अहमद, इकराम सिद्दीकी, तसलीम अहमद, साकिब फारूकी, सलेक चंद वर्मा, मुबारक अली, सन्नी सैनी, अब्दुल्ला खान, अहमद मियां, हसन मियां, हुसैन मियां, आशीष मित्तल सहित बड़ी संख्या में अकीदतमंद मौजूद रहे।
इस दौरान बाबर हुसैन कुद्दूसी ने देश में अमन, भाईचारा और आपसी सौहार्द के लिए विशेष दुआ कराई। मेला कमेटी और उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए एसपी नरेंद्र प्रताप सिंह ने कहा कि भारत सूफी संतों और महापुरुषों की धरती है, जहां सभी धर्मों और आस्थाओं का समान सम्मान किया जाता है। उन्होंने कहा कि हमें अपने पूर्वजों की धार्मिक और सांस्कृतिक परंपराओं को प्रेम, सौहार्द और एकता के साथ आगे बढ़ाना चाहिए, यही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी।
उद्घाटन के बाद एसपी ने मेले का निरीक्षण किया। उन्होंने विभिन्न दुकानदारों से बातचीत की और झूलों व मनोरंजन संबंधी व्यवस्थाओं का जायजा लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए। उर्स में शामिल होने पर कस्बावासियों ने उनका आभार व्यक्त किया, जबकि मेला कमेटी की ओर से उन्हें सम्मानित भी किया गया।
उद्घाटन के साथ ही सालाना मेला विधिवत शुरू हो गया, जो 13 जुलाई तक चलेगा। मेला कमेटी के जनरल सेक्रेटरी बाबर हुसैन कुद्दूसी ने बताया कि 30 जून को दरगाह शरीफ पर मन्नत पूरी होने पर अकीदतमंदों द्वारा पारंपरिक पंखा चढ़ाने की रस्म अदा की जाएगी। इसी रात मुकाबला-ए-कव्वाली का आयोजन होगा।
उन्होंने बताया कि 4 जुलाई को पुनः मुकाबला-ए-कव्वाली, 8 जुलाई को खत्म शरीफ के बाद सूफियाना कव्वाली तथा 11 जुलाई को कुल हिंद मुशायरा आयोजित किया जाएगा, जिसमें देशभर के प्रसिद्ध शायर अपनी प्रस्तुति देंगे।

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