ईदगाह में जगह की कमी को लेकर लोगों में चिंता, विस्तार की मांग तेज
कैराना। नगर की ईदगाह में नमाजियों को हो रही भारी भीड़ और जगह की कमी को लेकर लोगों में असमंजस और चिंता का माहौल है। एक ओर कमेटी प्रशासन द्वारा ईदगाह की क्षमता बढ़ाने और नमाजियों के लिए अधिक स्थान उपलब्ध कराने की बात कही जा रही है, वहीं दूसरी ओर ईदगाह से संबंधित भूमि पर कटौती कर दुकानों के निर्माण के लिए बुलडोजर से कार्य शुरू किए जाने की चर्चा ने लोगों की चिंताएं बढ़ा दी हैं।
इस मुद्दे को लेकर नगर में तरह-तरह की चर्चाएं चल रही हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि ईदगाह में स्थान की कमी वास्तव में गंभीर समस्या है, तो इसका स्थायी समाधान निकाला जाना चाहिए। लोगों ने सुझाव दिया है कि ईदगाह से सटी अथवा उसके पीछे स्थित स्वर्गीय मुनव्वर हसन के भाई की भूमि को खरीदकर ईदगाह का विस्तार किया जाए, अथवा नगर के किसी अन्य उपयुक्त स्थान पर नई और बड़ी ईदगाह का निर्माण कराया जाए।
नगरवासियों के अनुसार कैराना की आबादी लगभग दो लाख से अधिक हो चुकी है। मुस्लिम आबादी का प्रतिशत भी काफी अधिक होने के कारण ईद और अन्य बड़े धार्मिक अवसरों पर ईदगाह में भारी भीड़ उमड़ती है, जिससे नमाजियों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है।
गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश सरकार के निर्देशों के अनुसार ईदगाह के बाहर सार्वजनिक स्थानों पर नमाज अदा नहीं की जा रही है। ऐसे में सभी नमाजियों को ईदगाह परिसर के भीतर ही समायोजित करना एक बड़ी चुनौती बन गया है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यह समस्या वर्ष 2014 से चली आ रही है। मुजफ्फरनगर और शामली में हुए सांप्रदायिक दंगों के बाद विभिन्न सामाजिक संगठनों द्वारा बड़ी संख्या में प्रभावित परिवारों को कैराना एवं आसपास के क्षेत्रों में बसाया गया था। इसके बाद नगर की आबादी में उल्लेखनीय वृद्धि हुई और ईदगाह में जगह की कमी का मुद्दा और गंभीर हो गया।
लोगों ने प्रशासन और संबंधित अधिकारियों से मांग की है कि ईदगाह की भूमि और उसके विस्तार से जुड़े विषय पर गंभीरता से विचार करते हुए भविष्य की जरूरतों के अनुरूप ठोस और स्थायी समाधान निकाला जाए, ताकि नमाजियों को होने वाली परेशानियों से राहत मिल सके

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