नई दिल्ली। जामिया मिलिया इस्लामिया में स्वास्थ्य, फिटनेस और जनकल्याण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से ‘योग-टेक’ के उन्नत संस्करण-2026 का शुभारंभ किया गया। इस अवसर पर कुलपति प्रो. मज़हर आसिफ ने अंतरराष्ट्रीय योग-टेक वैज्ञानिक प्रो. डॉ. बी. इस्लाम कैरानवी को विश्वविद्यालय समुदाय के लिए योग-प्रशिक्षण एवं नेतृत्व विकास की जिम्मेदारी सौंपते हुए नियुक्ति-पत्र प्रदान किया।
रजिस्ट्रार प्रो. मोहम्मद मेहताब आलम रिज़वी के मार्गदर्शन तथा गेम्स एंड स्पोर्ट्स विभागाध्यक्ष प्रो. नफ़ीस अहमद के नेतृत्व में आयोजित कार्यक्रम के अंतर्गत योग-टेक कार्यशालाओं, प्रतियोगिताओं और क्विज़ की श्रृंखला आयोजित की गई। इनमें शिक्षकों, कर्मचारियों, विद्यार्थियों तथा स्थानीय समुदाय के सदस्यों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
कार्यक्रम का मुख्य विषय “Yoga for Healthy Ageing” रहा, जिसमें स्वस्थ वृद्धावस्था, सक्रिय जीवनशैली और बेहतर जीवन-गुणवत्ता के लिए योग की वैज्ञानिक उपयोगिता पर विशेष प्रकाश डाला गया। प्रतिभागियों को योग के नैतिक, वैज्ञानिक एवं व्यावहारिक पक्षों से परिचित कराया गया तथा सुरक्षित एवं प्रभावी अभ्यासों का प्रदर्शन प्रस्तुत किया गया।
अंतरराष्ट्रीय योग दिवस-2026 के अवसर पर जामिया ने अपने विशिष्ट ‘सुपर-स्पेशियलिटी योग-टेक वॉलंटरी फिटनेस लीडरशिप प्रोग्राम’ की भी शुरुआत की। इस कार्यक्रम के तहत एनएसएस और एनसीसी के विद्यार्थियों सहित जामिया समुदाय के इच्छुक सदस्यों को फिटनेस नेतृत्व के लिए प्रशिक्षित किया जाएगा। उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को ‘योग-टेक ब्रांड एम्बेसडर’ के रूप में सम्मानित किया गया तथा प्रमाण-पत्र प्रदान किए गए।
उल्लेखनीय है कि “योगा-टेक” आधुनिक मेडिकल साइंस, साइकोफिजियोथेरेपी और भारत की पुरानी योग परंपरा को मिलाकर बनाया गया एक नया और अनोखा सिस्टम है। “योगा-टेक” में रुहानी बरकति सूफियाना फिटनेस रियाज़त आदि के कॉम्बिनेशन पर आधारित एक अनोखा इंटेग्रेटेड योग की सभी को पसंद आने वाली तकनीक है। योग टेक का 51 वा वर्ज़न प्रो। डॉ. बी. इस्लाम किरनवी ने 1975 से लगातार रिसर्च और एक्सपेरिमेंट के आधार पर बनाया है। इसका मकसद सभी उम्र के लोगों में फिटनेस, वेलनेस और शरीर के प्रत्येक अंग की सेहत को बढ़ावा देना है। सुश्री कौसर जी के प्रैक्टिकल डेमोंस्ट्रेशन से, पार्टिसिपेंट्स को आसान, सुरक्षित और असरदार “योगा-टेक” अभ्यासों का प्रैक्टिकल अनुभव आनंद के साथ मिला।
विश्वविद्यालय प्रशासन ने विश्वास व्यक्त किया कि ‘योग-टेक 2026’ का यह अभियान जामिया परिसर और समाज में स्वास्थ्य, सेवा तथा सकारात्मक नेतृत्व की नई संस्कृति को मजबूत करेगा।

0 Comments