बीईओ सतीश शर्मा के निधन से गांव ऐरटी में मातम, शोक की लहर



कैराना, 14 अप्रैल
कस्बा कैराना से सटे गांव ऐरटी में उस समय मातम छा गया, जब गांव के सम्मानित परिवार के होनहार सपूत और अलीगढ़ के बेसिक शिक्षा विभाग में तैनात खंड शिक्षा अधिकारी (बीईओ) सतीश शर्मा के अचानक निधन की दुखद खबर पहुंची। सूचना मिलते ही पूरे गांव में सन्नाटा पसर गया, हर चेहरा गमगीन और आंखें नम नजर आईं।

जानकारी के अनुसार सोमवार को दिवंगत अपने कार्यालय में मोबाइल पर विभागीय कार्यों को लेकर बातचीत कर रहे थे, तभी अचानक दिल का दौरा पड़ने से वह मौके पर ही गिर पड़े। कर्मचारियों ने तुरंत उन्हें जिला मलखान सिंह अस्पताल पहुंचाया, जहां चिकित्सकों ने जांच के बाद मृत घोषित कर दिया। इस अचानक घटना से शिक्षा जगत समेत पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई।

दिवंगत के आकस्मिक निधन से परिजन और क्षेत्रवासी स्तब्ध हैं। उनके बड़े भाई और प्रसिद्ध अधिवक्ता कृष्ण कुमार शर्मा (केके शर्मा) ने बताया कि तबीयत बिगड़ने पर उन्हें तुरंत अस्पताल ले जाया गया, लेकिन कुछ ही क्षणों में उन्होंने अंतिम सांस ले ली।

पोस्टमार्टम के बाद जब पार्थिव शरीर अलीगढ़ से गांव ऐरटी लाया गया, तो वहां मौजूद डीएम, एसडीएम और शिक्षा विभाग के अधिकारियों व कर्मचारियों ने नम आंखों से अंतिम विदाई दी। जैसे ही शव गांव पहुंचा, चारों ओर चीत्कार मच गई और माहौल गमगीन हो उठा।

मंगलवार सुबह गांव के श्मशान घाट पर पूरे धार्मिक रीति-रिवाज के साथ अंतिम संस्कार किया गया। अंतिम दर्शन के लिए लोगों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी, हर आंख नम और हर दिल शोकाकुल दिखा।

बताया जाता है कि दिवंगत मूल रूप से ऐरटी गांव के निवासी थे और मेरठ में उनका आवास था, जहां उनकी पत्नी और बच्चे रहते हैं। सूचना मिलते ही परिजन अलीगढ़ पहुंच गए। अपने पीछे वह भरा-पूरा परिवार छोड़ गए हैं, जिसमें पत्नी और दो बेटे शामिल हैं।

अंतिम संस्कार में क्षेत्र के सामाजिक, राजनीतिक और प्रबुद्ध वर्ग के लोगों की बड़ी संख्या मौजूद रही। शोक संवेदना व्यक्त करने वालों में जिला बार काउंसिल के अध्यक्ष, अधिवक्ता गण, पत्रकार मोहम्मद यूसुफ त्यागी, डॉ. अजमतुल्ला खान, चौधरी नसीम एडवोकेट, मोनू शर्मा, पत्रकार संगठन के संरक्षक मेहराब चौधरी और अध्यक्ष सुधीर चौधरी समेत कई गणमान्य लोग शामिल रहे।

क्षेत्रवासियों ने दिवंगत की सेवाओं को याद करते हुए कहा कि सतीश शर्मा एक कर्मठ और योग्य अधिकारी थे, जिन्होंने शिक्षा के क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान दिया। उनका निधन समाज के लिए अपूरणीय क्षति है।

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