नगर की अदबी अंजुमन गुलिस्तांन ए उर्दू अदब की ओर से मरहूम शायर चौधरी रियासत अली की याद में 72 वीं एक शेरी नशसित का आयोजन किया गया।
शेरी नशसित की सदारत मरहूम उस्ताद शायर नसीम खान के भाई जनाब खुर्शीद खां ने की नशसित का शुभारंभ कारी मुज़म्मिल की नात ए पाक से हुआ जबकि संचालन मास्टर अतीक शाद ने किया। शेरी महफ़िल में मुकामी शायरों ने अपने अपने शानदार शेर सुना कर जमकर वाहवाही बटोरी।
नशसित की सदारत फ़रमा रहे खुर्शीद ख़ान ने उर्दू के हवाले से प्रकाश डाला और कहा कि उर्दू के फरोग पर ऐसे प्रोग्राम होना ज़रूरी हैं ताकि उर्दू ज़बान की रोशनी फैलती रहे उन्होंने कहा कि अपने बच्चों को दुनिया की तालीम के साथ साथ उर्दू को भी पढ़ायें जिससे उर्दू की शमा यूं ही जलती रहे।इस दौरान खुर्शीद खां, डॉ आरिफ़ कमर, मास्टर अतीक शाद, सलीम अख्तर कैरानवी, नफीस आसिम, कारी मुज़म्मिल, शुऐब ख़ान, फिरोज़ ख़ान आदि मौजूद रहे।अंत में डाक्टर आरिफ़ खान ने सभी शायरों व सामयीन का शुक्रिया अदा किया।

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