कस्बा कैराना में यूपी रोडवेज बस चालकों की मनमानी के कारण मुख्य मार्ग पर आए दिन जाम की स्थिति आम होती जा रही है, जिससे नागरिकों, व्यापारियों और रोज़ेदारों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। हैरानी की बात यह है कि बाकायदा रोडवेज बस स्टैंड मौजूद होने के बावजूद बसों को स्टैंड के अंदर ले जाने के बजाय सड़क पर ही खड़ा करके यात्रियों को चढ़ाया-उतारा जा रहा है, जिससे यातायात व्यवस्था पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गई है।
स्थानीय दुकानदारों और नागरिकों का आरोप है कि ट्रैफिक पुलिस का रवैया भेदभावपूर्ण और सवालों के घेरे में है। एक ओर निजी बसों और अवैध सवारी वाहनों के खिलाफ तुरंत कार्रवाई करते हुए चालान काटे जाते हैं, वहीं दूसरी ओर रोडवेज बसों को सड़क के बीच खड़े होने की खुली छूट दी जा रही है। लोगों का कहना है कि ट्रैफिक कर्मी चलती गाड़ियों की तस्वीर लेकर ऑनलाइन चालान तो कर देते हैं, लेकिन जब सार्वजनिक रूप से यातायात बाधित करने वाली बसें खड़ी रहती हैं तो कोई कार्रवाई नहीं होती।
रमज़ान के कारण कंधला स्टैंड और शहीद चौक के आसपास रोज़ाना शाम को इफ़्तार की खरीदारी के लिए भारी भीड़ उमड़ती है। ऐसे समय सड़क पर बसों का खड़ा होना न केवल जाम का कारण बन रहा है, बल्कि पैदल चलने वालों, रोज़ेदारों और दुकानदारों के लिए भी बड़ी परेशानी का सबब है। लोगों का कहना है कि छोटी-सी दूरी तय करने में भी कई-कई मिनट लग जाते हैं और एंबुलेंस जैसी आपातकालीन सेवाएँ भी प्रभावित हो रही हैं।
जनमानस में यह सवाल तेज़ी से उठ रहा है कि आखिर ट्रैफिक पुलिस की जिम्मेदारी केवल कमजोर तबके तक ही क्यों सीमित दिखाई देती है। यदि कानून सबके लिए समान है तो रोडवेज बसों को विशेष छूट क्यों दी जा रही है। नागरिकों ने उच्च अधिकारियों से मांग की है कि तत्काल सख्त निर्देश जारी कर बसों का संचालन केवल बस स्टैंड से ही सुनिश्चित किया जाए और मुख्य मार्ग को जाम से मुक्त कराया जाए, ताकि पवित्र रमज़ान माह में लोगों को अनावश्यक कठिनाइयों से बचाया जा सके।

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