इंटरचेंज टोल पर बिना गांव क़ा नाम लिखा लगा बोर्ड।


दिल्ली–देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर राष्ट्रीय राजमार्ग पर बाबरी क्षेत्र में प्रस्तावित इंटरचेंज के अंतर्गत टोल प्लाजा पर लगाए जाने वाले बोर्ड पर बिना गांव का नाम लिखा बोर्ड लगाया गया हैं। कुछ दिनों से बनतीखेड़ा व करौदा हाथी गांव के नागरिकों द्वारा अपने अपने गाँवो के नाम को लेकर कुछ दिनों से नागरिकों द्वारा प्रदर्शन किया गया व जिलाधिकारी शामली अरविन्द चौहान को ज्ञापन सौंपकर अपने अपने गांव का नाम बोर्ड पर लिखवाने क़ी सिफारिश क़ी जा रही थीं।
बुधवार को बाबरी क्षेत्र में निर्माणाधीन दिल्ली देहरादून इकोनॉमिक कोरिडोर हाई वे पर इंटरचेन्ज के पास टोल प्लाजा का निर्माण किया गया हैं, जिस पर बनतीखेड़ा गांव का नाम अंकित किया गया था, जिससे गांव करौदा हाथी के ग्रामीणों का कहना था कि उक्त स्थान पर करौदा हाथी के किसानों क़ी जमीन हैं, तों टोल पर लगने वाले बोर्ड पर भी करौदा हाथी लिखा जाना चाहिए। बुधवार को नेशनल हाइवे कर्मियों द्वारा पुलिस क़ी मौजूदगी में बोर्ड किसी भी गांव का नाम लिखें बिना हीं बोर्ड को लगा दिया गया हैं।दोनों गाँवो के ग्रामीणों द्वारा कहा गया कि टोल बोर्ड पर गांव का नाम न होने से यात्रियों और स्थानीय लोगों को असुविधा होगी तथा क्षेत्र की पहचान भी प्रभावित होगी। इस दौरान किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए बाबरी थान प्रभारी राहुल सिसोदिया मय पुलिस बल के मौक़े पर मौजूद रहें।इस दौरान मौके पर कुछ ग्रामीण भी पहुंचे और उन्होंने बोर्ड पर गांवों के नाम न होने पर नाराजगी जताई।
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि उनकी मांगों को नजर अंदाज किया गया है। नेशनल हाइवे के A,E,राजन पांडे से बात करने के लिए कॉल क़ी गई लेकिन उनके द्वारा कॉल रिसीव नहीं क़ी गई हैं।

Post a Comment

0 Comments