कैराना। तहसील कैराना में आयोजित सम्पूर्ण समाधान दिवस के दौरान जनसमस्याएं एक बार फिर खुलकर सामने आईं। कार्यक्रम में नायब तहसीलदार कैराना सतीश कुमार यादव ने फरियादियों की शिकायतों की सुनवाई की, जबकि अध्यक्षता तहसीलदार कैराना द्वारा की गई। समाधान दिवस में कुल 21 शिकायती प्रार्थना पत्र प्राप्त हुए, जिनमें से मौके पर मात्र 2 शिकायतों का ही निस्तारण किया जा सका। पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार मुख्य विकास अधिकारी (सीडीओ) शामली समाधान दिवस में उपस्थित नहीं हो सके, जिससे लोगों में निराशा देखी गई।
समाधान दिवस में विभिन्न गांवों से आए महिला व पुरुष फरियादियों ने जमीन पर अवैध कब्जे, चक रोड की कटाई, रास्तों की बंदी, नालियों की सफाई न होने, सरकारी भूमि पर अतिक्रमण और जल निकासी की बदहाल व्यवस्था से संबंधित शिकायतें दर्ज कराईं। कई किसानों ने बताया कि उनके खेतों तक जाने वाले रास्ते काट दिए गए हैं, जिससे आवागमन के साथ-साथ खेती और सिंचाई कार्य भी प्रभावित हो रहा है।
कुछ मामलों में महिला फरियादियों ने दबंगों पर जबरन दीवार और दरवाजे गिराने का आरोप लगाया, जिससे जान-माल का खतरा बना हुआ है। वहीं, कई गांवों से वर्षों से नालियों और बरसाती नालों की सफाई न होने की शिकायतें भी सामने आईं। लोगों का कहना है कि नालों के जाम होने से बारिश का पानी खेतों में भर जाता है, जिससे फसलें बर्बाद हो रही हैं और किसानों को भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है।
फरियादियों ने मांग की कि चक रोड और सरकारी रास्तों की शीघ्र पैमाइश कराकर अवैध कब्जे हटवाए जाएं तथा नालियों की नियमित सफाई कराई जाए। कुछ मामलों में अधिकारियों ने संबंधित कर्मचारियों को मौके पर ही जांच कर कार्रवाई के निर्देश दिए, लेकिन लोगों ने स्पष्ट किया कि केवल निर्देश नहीं, बल्कि ठोस और समयबद्ध कार्रवाई आवश्यक है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि शिकायतों का समय रहते निष्पक्ष समाधान नहीं हुआ तो ग्रामीण क्षेत्रों में समस्याएं और गंभीर हो सकती हैं। ऐसे में सम्पूर्ण समाधान दिवस को औपचारिकता के बजाय वास्तविक समाधान का माध्यम बनाया जाना जरूरी है।

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