कैराना। एससी-एसटी कोर्ट ने दलित नाबालिग को बहला-फुसलाकर ले जाने के मामले में आरोप सिद्ध पाए जाने पर एक आरोपी को चार वर्ष के कठोर कारावास व दस हजार के अर्थदंड की सजा सुनाई है।
जिला शासकीय अधिवक्ता संजय चौहान एवं विशेष लोक अभियोजक कमलेश शर्मा ने बताया कि गांव निवासी एक महिला ने कोतवाली शामली पर धारा 363 व 366 तथा 3(2)(वीए) एससी-एसटी अधिनियम के तहत अभियोग पंजीकृत कराया था। बताया था कि 31 मार्च 2021 को शामली कोतवाली क्षेत्र के गांव हसनपुर निवासी रोहित पुत्र जगदीश उसकी नाबालिग पुत्री को बहला-फुसलाकर अपने साथ ले गया। पुलिस ने मुकदमा दर्ज करने के साथ ही आरोपी को गिरफ्तार करके जेल भेज दिया था। विवेचक ने मामले की जांच करके आरोप-पत्र न्यायालय में दाखिल किया था। यह मामला कैराना स्थित एससी-एसटी कोर्ट में विचाराधीन था। मामले में अभियोजन पक्ष की ओर से सात गवाह न्यायालय के समक्ष पेश किए गए। सोमवार को अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश रेशमा चौधरी ने दोनों पक्षों के वरिष्ठ अधिवक्ताओं के तर्क-वितर्क सुनने तथा पत्रावलियों के अवलोकन के पश्चात आरोपी रोहित को चार वर्ष के कठोर कारावास व दस हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई। अर्थदंड अदा न करने पर कोर्ट ने तीन माह के अतिरिक्त कारावास का प्रावधान किया है।

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