नवरात्रि की शुभ तिथियों में चयनित देवी मंदिरों/शक्तिपीठों में भव्य पूर्ण देवी गायन/दुर्गा सप्तशती पाठ/अखंड रामायण पाठ आदि कार्यक्रमों का होगा आयोजन।


शासन के निर्देश के क्रम आगामी दिनांक 22 मार्च से 30 मार्च 2023 तक चैत्र नवरात्रि/श्रीराम नवमी के अवसर पर चयनित देवी मंदिर/शक्तिपीठों में होने वाले कार्यक्रमों की तैयारियों को लेकर जिलाधिकारी शामली रविन्द्र सिंह की अध्यक्षता में आज संबंधित अधिकारियों एवं मंदिर के प्रबंधक एवं पुजारी के साथ बैठक की गई।आयोजित बैठक में जिलाधिकारी द्वारा अधिकारियों के साथ चर्चा करते हुए आगामी शुभ तिथियों दिनांक 22 मार्च से 30 मार्च 2023 तक चैत्र नवरात्रि के अवसर पर जनपद में चयनित देवी मंदिरों एवं शक्तिपीठों में मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की विधि विधान के साथ पूजा की जानी है कि तैयारियों को लेकर समस्त संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा निर्देश दिए।बैठक में जिलाधिकारी द्वारा संबंधित खंड विकास अधिकारियों को ग्रामीण क्षेत्र एवं समस्त अधिशासी अधिकारियों को नगरीय क्षेत्र में चयनित देवी मंदिरों एवं शक्तिपीठों में आयोजन का दायित्व सौंपते हुए आयोजन स्थल पर साफ-सफाई पेयजल सुरक्षा ध्वनि प्रकाश आदि सभी व्यवस्था दुरुस्त करते हुए उक्त संपूर्ण अवधि में दुर्गा सप्तशती का पाठ/देवी गायन/देवी जागरण के कार्यक्रम आयोजित किया जायेंगे।बैठक में निर्देशित किया गया कि समस्त कार्यक्रम मां दुर्गा की महिमा के अनुरूप आयोजित कराये जाये। साथ यह भी निर्देशित किया गया कि इन शुभ तिथियों में महिलाओं एवं बालिकाओं की भी कार्यक्रम में सहभागिता सुनिश्चित की जाये। बैठक अवगत कराया कि शासन के निर्देशानुसार आगामी तिथि दिनांक 29 से 30 मार्च 2023 अष्टमी एवं श्रीरामनवमी के अवसर पर चयनित मंदिरों में मानव मूल्यों, सामाजिक मूल्यों व राष्ट्रीय मूल्यों के व्यापक प्रचार-प्रसार व जन सामान्य को इससे जोड़ते हुए अखण्ड रामायण पाठ का आयोजन किया जाये।इस आयोजन हेतु जनपद स्तरीय, तहसील स्तरीय एवं विकास खंड स्तरीय समितियों का गठन करते हुए कार्यक्रम संपन्न कराये जाये। बैठक में जिलाधिकारी द्वारा समस्त संबंधित अधिकारियों को सभी तैयारियां पूर्ण करते हुए उक्त तिथियों में सभी कार्यक्रम सफलता पूर्वक सुनिश्चित किया जाये। आयोजित बैठक में मुख्य विकास अधिकारी शंभू नाथ तिवारी, अपर जिलाधिकारी संतोष कुमार, समस्त एसडीएम, समस्त खंड विकास अधिकारी, समस्त अधिशासी अधिकारी सहित मंदिरों के प्रबंधक व पुजारी मौजूद रहे।

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