कैराना। कूटरचित दस्तावेज तैयार कर भूमि को अवैध रूप से कब्जाने के आरोप लगाते हुए पीड़ित ने कार्रवाई की मांग की है।
क्षेत्र के गांव मन्नामजरा निवासी फरमान पुत्र इरफान उर्फ जुल्फान ने जिलाधिकारी को शिकायती पत्र देते हुए बताया कि खसरा नंबर 308 रकबा 5.1630 ग्राम मन्नामाजरा में स्थित है,जो मेरे ग्रैंड फादर के नाम थी,जिसने अपने पुत्र मातलूब का चाल चलन सही न होने के कारण उसने अपने पोत्रो सलीम,इरफान उर्फ जुल्फान,इंतजार, मुनव्वर, परवेज पुत्रगण मतलूब तथा अपनी पत्नी जन्नत के हक में वसीयत कर दी थी।वसीयत की जानकारी होने के बावजूद वारिसान के आदर पर मत इस भूमि का अपने नाम कराकर भूमि को अंजली गुप्ता, पारुल गुप्ता सहित अन्यों को बेच दिया।इस भूमि की बाबत विभिन्न न्यायालयों में वारिसान व वसीयत के वाद चले। मतलूब द्वारा भूमि बेचने के बाद मेरे मामा इकराम ने एक प्रार्थना पत्र नाम साकिब संरक्षक चकबंदी अधिकारी के न्यायालय में योजित किया गया, जिसे 24 अप्रैल 2011 को चकबंदी अधिकारी ने स्वीकार कर अंजली व पारुल गुप्ता द्वारा प्रस्तुत आपत्ति निरस्त कर दी गई।आदेश के खिलाफ अंजली व पारुल गुप्ता ने न्यायालय उपसंचालक अधिकारी के यहां अपील प्रस्तुत की,जिसे 28 जून 2011 खारिज कर दिया गया। जिसके बाद उच्च न्यायालय इलाहाबाद में रिट दायर कर दी गई। उच्च न्यायालय द्वारा 11 जुलाई 2011 को स्टे आर्डर कर दिया गया,जो अभी भी प्रभावी है। स्टे आर्डर बावजूद अंजली व पारुल गुप्ता ने उपरोक्त भूमि को पुष्प चौधरी पत्नी उदयवीर सिंह निवासी आर्यापुरी,रविंद्र तौमर पुत्र महावीर तोमर निवासी पुणे महाराष्ट्र के हक में बैनामा कर दिया। बैनामा के गवाहों को जानकारी होते हुए भी स्टे के बावजूद कूट रचित दस्तावेज तैयार करके भूमि हड़पना चाहते है। पीड़ित का कहना है कि यह लोग दबंग किस्म के लोग है,जो मेरे परिवार की जान के दुश्मन हैं और इन्होंने मेरे परिवार पर फर्जी मुकदमे भी दर्ज करा रखे हैं। इन दबंग भूमाफियाओं के खिलाफ कार्रवाई की गुहार लगाते हुए जान माल की सुरक्षा की मांग की है।

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