फर्जी दस्तावेजो का फैलता जा रहा जाल, कई हुए मालामाल


-गिरोह पर नकेल नही कसी गई तो हो सकता है बड़ा गोलमाल

कैराना। फर्जी दस्तावेजों के सहारे कंपनियों को चूना लगाकर मोटी रकम डकारने वाले मालामाल हो गए हैं। अगर समय रहते गिरोह पर नकेल नही कसी गई तो बड़ा फर्जीवाड़ा हो सकता है।

फर्जी दस्तावेज तैयार कराकर उनके सहारे कई कंपनियों को चूना लगाकर ठगी करने वाले मालामाल हो रहे हैं,जो अधिकारियों सहित कंपनी कर्मचारियों की आंखों में धूल झोंक कर वहां से आसानी के साथ फाइनेंस कराने में सफल हो जाते हैं।फाइनेंस कराने के बाद शातिर जल्द ही अपना स्थान व नंबर आदि बदलकर दूसरे ठिकाने की तलाश में जुट जाता है और फिर शिकार कर वहां से भी नौ दो ग्यारह हो जाता है।जबतक फाइनेंस कंपनी जागती है तबतक वह सुरक्षित स्थानों पर पहुंच जाते हैं। सवाल यह उठता है कि आखिर कूटरचित दस्तावेज तैयार करने वाला मास्टरमाइंड आजतक पकड़ा क्यों नहीं गया,कहां और कैसे किए जाते हैं फर्जी दस्तावेज तैयार। अबतक फर्जी कागजात के आधार पर कितने लोगों को ठगा जा चुका है और कितनी फाइनेंस कंपनियों को व्हीकल आदि फाइनेंस कराकर चूना लगाया जा चुका है। यह तो जांच के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा। क्या इस गिरोह की निष्पक्ष जांच हो पाएगी।
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फर्जी दस्तावेज बने जी का जंजाल,भटक रहे अधिकारी

फर्जी आईडी तैयार कराकर बैंकों से फाइनेंस कराने वाले नटवर लाल अधिकारियों के लिए जी का जंजाल बने हुए हैं,क्योंकि फर्जी आईडी पर नाम पता आदि भी गलत अंकित किया गया है। ऐसे में ठगों को पकड़ पाना अधिकारियों के लिए मुमकिन ही नहीं ना मुमकिन लग रहा है। जिन व्हीकलों को फाइनेंस कराया गया था उनका भी कोई नामो निशान नही बचा है। सूत्र बताते हैं कि ऐसे वाहनों को या तो दूसरे लोगों को बेच दिया जाता है या फिर उन्हें कबाड़ी की दुकानों की शोभा बढ़ाने के लिए पहुंचा दिया जाता है।क्या ऐसे लोगों पर नकेल कसी जायेगी और उनकी आईडी सहित अन्य कागजात जांच के घेरे में आएंगे?
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