प्रसिद्ध शायर शम्स देवबंदी के इंतकाल पर न्यूज एसके 24 के कार्यालय में शोकसभा आयोजित, साहित्यिक सेवाओं को किया गया याद


कैराना, 2 नवंबर 
 मशहूर उस्ताद शायर शम्सुद्दीन खान शम्स देवबंदी के इंतकाल पर न्यूज एसके 24 के स्थानीय कार्यालय में नगर की अदबी अंजुमन गुलिसतान-ए-उर्दू अदब के तत्वावधान में एक शोकसभा का आयोजन किया गया। इसमें नगर की साहित्यिक, शैक्षिक और सामाजिक हस्तियों ने शिरकत की। इस दौरान मरहूम की साहित्यिक सेवाओं, इल्मी सलाहियतों और उर्दू शायरी के फरोग के लिए उनके उल्लेखनीय योगदान को याद करते हुए गहरे रंज-ओ-गम का इजहार किया गया।

शोकसभा में वक्ताओं ने कहा कि उस्तादुश्शोअरा शम्स देवबंदी का इंतकाल उर्दू अदब के लिए अपूरणीय क्षति है। वह मौजूदा दौर के एक प्रतिष्ठित उस्ताद, काबिल शायर और उर्दू अदबी परंपरा के रोशन चिराग थे। उन्होंने अपनी शायरी, शिक्षण क्षमता और शागिर्दों की तरबियत के जरिए उर्दू अदब की खिदमत में अहम भूमिका निभाई। उनकी इल्मी और अदबी सेवाओं के साथ-साथ उनके प्रशिक्षित शागिर्दों के रूप में उनका फैज लंबे समय तक जारी रहेगा।

वक्ताओं ने कहा कि शम्स देवबंदी का दुनिया से रुखसत होना महज एक शायर की जुदाई नहीं, बल्कि एक अदबी दौर, इल्मी व फिक्री परंपरा और तहजीबी विरासत के एक रोशन बाब का खत्म होना है। देवबंद का अदबी आसमान आज ऐसे चमकते सितारे से महरूम हो गया है, जिसकी रोशनी ने लंबे समय तक उर्दू शायरी और अदब की महफिलों को रोशन रखा। ऐसी बहुआयामी इल्मी और अदबी शख्सियत का विकल्प आसानी से मिलना मुमकिन नहीं है।

इस मौके पर मरहूम के परिजनों, शागिर्दों, संबंधियों और तमाम चाहने वालों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की गई। साथ ही दुआ की गई कि अल्लाह तआला मरहूम की मुकम्मल मगफिरत फरमाए, उनकी नेकियों को कुबूल फरमाए, कमियों और कोताहियों से दरगुजर फरमाकर जन्नतुल फिरदौस में आला मुकाम अता फरमाए तथा तमाम परिजनों को सब्र-ए-जमील और अज्र-ए-अजीम से नवाजे़।

शोकसभा में डॉ. आरिफ खान कमर, डॉ. सलीम अख्तर फारूकी, चौधरी सलीम (पत्रकार), डॉ. शबाब सिद्दीकी, कारी इरफान जिया , आशिक राज़, नफीस अंसारी,फ़िरोज़ ख़ान सहित नगर की अनेक साहित्यिक एवं शैक्षिक हस्तियों ने शिरकत की और मरहूम के हक में दुआ-ए-मगफिरत की।

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