कैराना मिली जानकारी के अनुसार व्हाट्सएप और फेसबुक समेत अन्य माध्यमों से प्राप्त सूचनाओं के अनुसार, देवबंद के प्रसिद्ध एवं विश्वविख्यात शायर डॉ. नवाज़ देवबंदी की पत्नी का बीती कई रोज पहले मेरठ में इलाज के दौरान इंतकाल हो गया था। उनके इस दुनिया से रुखसत होने की खबर मिलते ही कैराना के तमाम साहित्यिक और सामाजिक हलकों में शोक की लहर दौड़ गई।
इसी गमगीन माहौल के बीच आज कैराना स्थित 'अबदुल लतीफ़ मंजिल'' पर क्षेत्र के गणमान्य नागरिकों, बुद्धिजीवियों और साहित्य प्रेमियों की एक विशेष शोक सभा एडवोकेट शेर खान साहिल के आवास पर आयोजित की गई।
बैठक के दौरान बज़्म-ए- तरक्की, उर्दू अदब कैराना, अंजुमन चिराग़-ए-इल्म ओ अदब, कैराना बज़्म-ए-अदब नवाज़ कैराना और अंजुमन गुलिस्तान-ए- उर्दू अदब कैराना सहित शहर की तमाम मोतबर तंजीमों के प्रतिनिधि और साहित्यकार बड़ी संख्या में मौजूद रहे। बैठक की शुरुआत में सभी उपस्थित लोगों ने दिवंगत आत्मा की मग़फ़िरत और बुलंदी-ए-दरजात के लिए विशेष दुआ की।
बैठक को संबोधित करते हुए एडवोकेट शेर खान साहिल साहब ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि "डॉ. नवाज़ देवबंदी ने अपनी शायरी और साहित्यिक सेवाओं के माध्यम से पूरी दुनिया में देश और समाज का नाम रोशन किया है। आज उनके परिवार पर जो यह दुखों का पहाड़ टूटा है, उसमें कैराना का पूरा साहित्यिक और सामाजिक समाज पूरी संवेदनशीलता के साथ उनके साथ खड़ा है। जीवनसंगिनी का बिछड़ जाना इंसान के लिए बहुत बड़ा सदमा होता है, और हम सब इस दुख की घड़ी में उनके गम में बराबर के शरीक हैं।"
अब्दुल लतीफ़ मंजिल' में आयोजित इस बैठक के अंत में सभी बुद्धिजीवियों और अंजुमनों के पदाधिकारियों ने बारगाह-ए-इलाही में आजिज़ाना प्रार्थना करते हुए कहा कि अल्लाह तआला मरहूमा की मग़फ़िरत फ़रमाए, उन्हें जन्नतुल फ़िरदौस में उच्च स्थान अता करे और परिजनों विशेषकर डॉ. नवाज़ देवबंदी को सब्र-ए-जमील की तौफीक बख्शे। आमीन या रब्बुल आलमीन।
शामिल होने वाले प्रमुख महानुभाव:
इस शोक सभा में मुख्य रूप से एडवोकेट शेर खान साहिल, कैरानवी फिरोज़ खान कैरानवी डॉ सलीम अख्तर फारूक़ी,कैरानवी अनीस जिगर कैरानवी इज़हार अहमद इज़हार कैरानवी इस्लाम कुरैशी कैरानवी आंशिक राज़ कैरानवी अब्दुल्लाह अन्जर कैरानवी नफीस आसी कैरानवी सहित शहर के अन्य कई गणमान्य लोग और सम्मानित महानुभाव उपस्थित रहे।

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