प्रधानमंत्री आवास योजना में फर्जीवाड़े का आरोप, उच्चस्तरीय जांच की मांग


आजाद समाज पार्टी ने जिलाधिकारी को सौंपा ज्ञापन, 15 दिन में कार्रवाई नहीं होने पर अनिश्चितकालीन धरने की चेतावनी

कैराना: कस्बा कैराना में प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत कथित अनियमितताओं और अपात्र लोगों को योजना का लाभ दिए जाने का आरोप लगाते हुए आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) ने उत्तर प्रदेश सरकार और प्रशासन से मामले की निष्पक्ष एवं उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की है। पार्टी पदाधिकारियों ने जिलाधिकारी शामली को ज्ञापन देकर योजना के पात्र लाभार्थियों को उनका हक दिलाने तथा कथित गड़बड़ियों में शामिल लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई किए जाने की मांग उठाई है।

आजाद समाज पार्टी की ओर से 27 अक्टूबर 2026 को जिलाधिकारी शामली को दिए गए ज्ञापन में आरोप लगाया गया है कि कैराना में प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत लाभार्थियों के चयन में कथित तौर पर अनियमितताएं की जा रही हैं। ज्ञापन के अनुसार, कुछ अपात्र लोगों को पात्र दर्शाकर योजना का लाभ दिलाया जा रहा है, जबकि वास्तव में जरूरतमंद गरीब और मजदूर परिवारों को योजना से वंचित रखा जा रहा है।

पार्टी पदाधिकारियों ने आरोप लगाया कि कुछ ऐसे लोगों के नाम भी लाभार्थियों की सूची में शामिल किए गए हैं, जिनके पास पहले से पक्के मकान, जमीन, चारपहिया वाहन, बड़े कारोबार और अन्य संपत्तियां मौजूद हैं। इसके अलावा, लाभार्थियों के चयन और दस्तावेजों के सत्यापन में कथित मिलीभगत की भी जांच कराने की मांग की गई है। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है।

ज्ञापन में मांग की गई है कि कैराना के सभी वार्डों में घर-घर जाकर सर्वे कराया जाए, ताकि वास्तविक रूप से पात्र गरीब और जरूरतमंद परिवारों की पहचान हो सके। साथ ही, सूची में शामिल प्रत्येक लाभार्थी के मकान और दस्तावेजों की निष्पक्ष जांच कराई जाए। पार्टी ने यह भी कहा कि जांच प्रक्रिया में किसी राजनीतिक व्यक्ति का हस्तक्षेप नहीं होना चाहिए और सत्यापन का कार्य संबंधित सरकारी कर्मचारियों द्वारा मौके पर पहुंचकर किया जाना चाहिए।

आजाद समाज पार्टी ने मांग की है कि जांच में अपात्र पाए जाने वाले लाभार्थियों को जारी की गई सरकारी धनराशि की नियमानुसार वसूली की जाए। वहीं, यदि किसी अधिकारी या कर्मचारी की मिलीभगत से सरकारी धन का दुरुपयोग किए जाने की पुष्टि होती है, तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाए।

ज्ञापन में दलालों और जनसेवा केंद्र संचालकों की कथित भूमिका की भी जांच कराने की मांग की गई है। आरोप है कि योजना का लाभ दिलाने के नाम पर कुछ लोगों द्वारा अवैध वसूली की जा रही है। पार्टी ने ऐसे मामलों की गोपनीय जांच कराकर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करने तथा कथित रूप से अवैध वसूली में शामिल निजी व्यक्तियों को तत्काल हटाने की मांग की है।

इसके अलावा, पार्टी ने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत मकानों का निर्माण सरकार द्वारा निर्धारित मानकों और स्वीकृत नक्शे के अनुसार कराया जाना चाहिए। योजना में कथित धांधली करने वालों की सूची तैयार कर उनके विरुद्ध उच्चस्तरीय कार्रवाई की जाए, ताकि सरकारी योजनाओं का लाभ वास्तविक जरूरतमंदों तक पहुंच सके।

ज्ञापन में यह भी कहा गया है कि इस संबंध में शहरवासियों की ओर से पहले भी उच्च अधिकारियों को कई बार प्रार्थना पत्र दिए जा चुके हैं, लेकिन उनके अनुसार अब तक कोई निष्पक्ष जांच नहीं हुई है। पार्टी ने प्रशासन से पूरे मामले को गंभीरता से लेते हुए समयबद्ध कार्रवाई करने की मांग की है।

आजाद समाज पार्टी ने चेतावनी दी है कि यदि 15 दिनों के भीतर मामले का समाधान नहीं किया गया और निष्पक्ष जांच शुरू नहीं हुई, तो शहरवासी उपजिलाधिकारी कैराना के कार्यालय पर अनिश्चितकालीन धरना देने को मजबूर होंगे। पार्टी पदाधिकारियों ने यह भी कहा कि यदि प्रशासन कथित अनियमितताओं में शामिल लोगों के खिलाफ कार्रवाई नहीं करता है, तो वे संबंधित लोगों की सूची अधिकारियों को सौंपने के साथ न्यायालय का दरवाजा भी खटखटाएंगे।

ज्ञापन के माध्यम से पार्टी ने उत्तर प्रदेश सरकार और जिला प्रशासन से मांग की है कि प्रधानमंत्री आवास योजना में पारदर्शिता सुनिश्चित की जाए, पात्र परिवारों को उनका अधिकार मिले और सरकारी धन के दुरुपयोग की शिकायतों की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाए। ज्ञापन देने वालों में सतार प्रधान, सलीम गुर्जर और विनोद सैनी समेत दो दर्जन से अधिक लोग शामिल थे।

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