आगामी चुनावों को प्रभावित करने के इरादे से हथियार तैयार कर सप्लाई करने का खुलासा, खरीदारों और नेटवर्क की तलाश में जुटी पुलिस
कैराना, 19 अक्टूबर आगामी चुनावों से पहले कैराना पुलिस ने अवैध हथियार बनाने के एक बड़े मामले का खुलासा किया है। गांव बरनावी के जंगल में स्थित एक ट्यूबवेल पर छापेमारी कर पुलिस ने तमंचा बनाने की अवैध फैक्ट्री का भंडाफोड़ किया। मौके से 40 बने और अधबने तमंचे, 9 जिंदा कारतूस तथा हथियार बनाने में इस्तेमाल होने वाले विभिन्न उपकरण और पुर्जे बरामद किए गए। पुलिस ने फैक्ट्री संचालित करने के आरोप में गांव बरनावी निवासी हारून पुत्र मुंशी को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, आरोपी से पूछताछ में आगामी चुनावों को प्रभावित करने के उद्देश्य से अवैध हथियार तैयार कर उनकी सप्लाई किए जाने की बात सामने आई है। फिलहाल पुलिस हथियार खरीदने वालों और इस अवैध कारोबार से जुड़े नेटवर्क की तलाश में जुटी है।
पुलिस अधीक्षक नरेंद्र प्रताप सिंह के निर्देश पर सोमवार को अवैध हथियारों के निर्माण और तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत यह कार्रवाई की गई। मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर कैराना पुलिस की टीम ने गांव बरनावी के जंगल में स्थित एक ट्यूबवेल पर छापा मारा। तलाशी के दौरान वहां अवैध हथियारों का जखीरा और उन्हें तैयार करने में इस्तेमाल होने वाले उपकरण मिले। पुलिस ने मौके से हारून पुत्र मुंशी को गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस के मुताबिक, छापेमारी के दौरान 21 तैयार तमंचे और 19 अधबने हथियार बरामद हुए। इनमें 315 बोर और 12 बोर के तमंचे शामिल हैं। इसके अलावा 9 जिंदा कारतूस, विभिन्न बोर की नाल, अधबनी बट और बॉडी, ट्रिगर, स्प्रिंग समेत हथियार बनाने में इस्तेमाल होने वाले अन्य पुर्जे भी बरामद किए गए। पुलिस ने मौके से ग्राइंडर, ड्रिल मशीन, वेल्डिंग मशीन, आरी, रेती, हथौड़ा और दूसरे उपकरण भी कब्जे में लिए हैं।
पुलिस का कहना है कि गिरफ्तार आरोपी से पूछताछ के दौरान आगामी चुनावों को प्रभावित करने के उद्देश्य से अवैध तमंचे तैयार कर उनकी सप्लाई किए जाने की जानकारी मिली है। हालांकि, ये हथियार किन लोगों को बेचे जाने थे, अब तक कितने हथियारों की सप्लाई की गई और इस कारोबार में अन्य कौन-कौन लोग शामिल हैं, इन सभी बिंदुओं पर जांच की जा रही है। पुलिस संभावित खरीदारों और हथियारों की सप्लाई से जुड़े नेटवर्क का पता लगाने में जुटी है।
पुलिस द्वारा जारी आपराधिक रिकॉर्ड के अनुसार, गिरफ्तार हारून के खिलाफ कैराना कोतवाली में पहले भी कई मुकदमे दर्ज हैं। वर्ष 2015 में उसके खिलाफ आर्म्स एक्ट, वर्ष 2017 में जानलेवा हमले और वर्ष 2021 में गैंगस्टर एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था। मौजूदा कार्रवाई के संबंध में भी आरोपी के खिलाफ आर्म्स एक्ट के तहत एक और मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस आरोपी के विरुद्ध आवश्यक वैधानिक कार्रवाई कर रही है।
अवैध हथियार बनाने की फैक्ट्री का भंडाफोड़ करने वाली पुलिस टीम में कोतवाली प्रभारी निरीक्षक सतीश कुमार, उपनिरीक्षक गौरव चौहान, यूनुस खान, हेड कांस्टेबल ज्योति प्रकाश, शहजाद, ललित शर्मा, अंकुर मलिक तथा कांस्टेबल विपिन कुमार, शशि मलिक और राहुल शामिल रहे। यह कार्रवाई अपर पुलिस अधीक्षक के निर्देशन और क्षेत्राधिकारी कैराना के पर्यवेक्षण में की गई।
पुलिस की इस कार्रवाई के बाद अब जांच का मुख्य केंद्र अवैध हथियारों के संभावित खरीदार और उनकी सप्लाई का नेटवर्क है। पुलिस का कहना है कि जांच के दौरान यदि अन्य लोगों की संलिप्तता सामने आती है, तो उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।

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