भूमि संबंधी शिकायतों की रही भरमार, जनसमस्याओं के त्वरित और प्रभावी समाधान के लिए आयोजित होता है तहसील दिवस
कैराना, 17 अक्टूबर
आम जनता की समस्याओं के त्वरित और प्रभावी समाधान के उद्देश्य से कैराना तहसील में प्रशासन की निगरानी में संपूर्ण समाधान दिवस का आयोजन किया गया।
जिसकी अध्यक्षता एडीएम सत्येंद्र कुमार ने की
एसडीएम शिवाजी यादव ,तहसीलदार अर्जुन चौहान व नायब तहसीलदार आकाश चौहान
आदि उपस्थित रहे इस दौरान नगर और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों से पहुंचे लोगों ने संबंधित अधिकारियों के समक्ष अपनी समस्याएं और शिकायतें प्रस्तुत कीं। समाधान दिवस में कुल 28 शिकायतें प्राप्त हुईं, जिनमें से मौके पर केवल 4 शिकायतों का निस्तारण हो सका। शेष शिकायतों के निस्तारण के लिए संबंधित विभागों को आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए। प्राप्त शिकायतों में अधिकांश मामले भूमि विवाद से संबंधित रहे।
उत्तर प्रदेश में तहसील दिवस को आधिकारिक रूप से ‘संपूर्ण समाधान दिवस’ कहा जाता है। यह आम जनता की शिकायतों के निस्तारण के लिए सरकार की एक महत्वपूर्ण प्रशासनिक पहल है। इसका मुख्य उद्देश्य नागरिकों को ऐसा मंच उपलब्ध कराना है, जहां जिला और तहसील स्तर के संबंधित अधिकारी एक ही स्थान पर मौजूद रहकर लोगों की समस्याएं सुन सकें और उनके समाधान के लिए प्रभावी कदम उठा सकें।
इस व्यवस्था के तहत जमीन की पैमाइश, सीमांकन, विरासत, दाखिल-खारिज, चकबंदी, अवैध कब्जे, आपसी भूमि विवाद, पेंशन, राशन, आय एवं जाति प्रमाणपत्र सहित विभिन्न सरकारी विभागों से जुड़ी शिकायतें प्रस्तुत की जा सकती हैं।
विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों के लिए संपूर्ण समाधान दिवस काफी महत्वपूर्ण है। इसके माध्यम से लोगों को अपनी समस्याओं के समाधान के लिए अलग-अलग सरकारी कार्यालयों के चक्कर लगाने से राहत मिलने की उम्मीद रहती है।
उत्तर प्रदेश सरकार की निर्धारित व्यवस्था के अनुसार सामान्यतः प्रत्येक महीने के पहले और तीसरे शनिवार को सुबह 10 बजे से दोपहर 2 बजे तक सभी तहसीलों में संपूर्ण समाधान दिवस का आयोजन किया जाता है।
इस दौरान निर्धारित रोस्टर के अनुसार जिलाधिकारी, मुख्य विकास अधिकारी, अपर जिलाधिकारी अथवा संबंधित उपजिलाधिकारी शिकायतों की सुनवाई करते हैं। जिलाधिकारी की अध्यक्षता में आयोजित होने वाले कार्यक्रम में विभिन्न विभागों के संबंधित अधिकारी भी भाग लेते हैं। हालांकि, सरकारी अवकाश अथवा विशेष प्रशासनिक परिस्थितियों में आयोजन की तारीख और समय में बदलाव हो सकता है।
संपूर्ण समाधान दिवस के दौरान अधिकारियों की जिम्मेदारी होती है कि वे प्राप्त शिकायतों की गंभीरता से जांच करें। आवश्यकता पड़ने पर संबंधित स्थल का निरीक्षण कराएं और निर्धारित समय सीमा के भीतर शिकायतों का निष्पक्ष एवं प्रभावी निस्तारण सुनिश्चित करें। भूमि विवाद जैसे संवेदनशील मामलों में राजस्व विभाग और अन्य संबंधित विभागों के बीच समन्वय स्थापित करके कार्रवाई की जाती है।

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