हिंदू-मुस्लिम-सिख गुर्जरों को एकजुट कर 27 अक्टूबर के तालकटोरा स्टेडियम कार्यक्रम में बड़ी भागीदारी की तैयारी
कैराना। अखिल भारतीय गुर्जर महासभा की ओर से आगामी 12 अक्टूबर को जनपद शामली में भव्य सम्मेलन आयोजित किया जाएगा। सम्मेलन में हिंदू, मुस्लिम और सिख गुर्जर समाज के लोगों को एक मंच पर जोड़कर सामाजिक एकता, शिक्षा और संगठन की मजबूती का संदेश दिया जाएगा। सम्मेलन का प्रमुख उद्देश्य 27 अक्टूबर को दिल्ली के तालकटोरा स्टेडियम में आयोजित होने वाले पटेल जयंती समारोह के लिए अधिक से अधिक लोगों को आमंत्रित करना और व्यापक भागीदारी सुनिश्चित करना भी रहेगा।
रविवार को नेशनल हाईवे-709 एडी स्थित पवन गार्डन में आयोजित बैठक में महासभा के जिलाध्यक्ष मास्टर श्रीपाल आर्य, संरक्षक एडवोकेट करतार सिंह, असलम प्रधान सहित पदाधिकारियों ने सम्मेलन की तैयारियों पर विस्तार से मंथन किया। वक्ताओं ने गांव-गांव और कस्बों में संपर्क अभियान चलाकर समाज के लोगों को कार्यक्रम से जोड़ने पर जोर दिया।
जिलाध्यक्ष मास्टर श्रीपाल आर्य ने बताया कि 12 अक्टूबर को शामली-कैराना मार्ग स्थित पवन गार्डन में सम्मेलन आयोजित होगा। इसमें अखिल भारतीय गुर्जर महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष हरिश्चंद भाटी मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। उनके साथ संरक्षक डॉ. यशवीर सिंह सहित संगठन के अन्य वरिष्ठ पदाधिकारी भी शिरकत करेंगे।
उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय अध्यक्ष हरिश्चंद भाटी विशेष रूप से 27 अक्टूबर को दिल्ली के तालकटोरा स्टेडियम में होने वाले पटेल जयंती समारोह को सफल बनाने के लिए समाज के लोगों को निमंत्रण देने जनपद शामली पहुंचेंगे। सम्मेलन के माध्यम से जिले और आसपास के क्षेत्रों से अधिक से अधिक लोगों को दिल्ली कार्यक्रम में शामिल होने का आह्वान किया जाएगा।
बैठक में वक्ताओं ने कहा कि 27 अक्टूबर के समारोह में हिंदू, मुस्लिम और सिख गुर्जर समाज के लोग एकजुट होकर बड़ी संख्या में भाग लेंगे और समाज की संगठित शक्ति का प्रदर्शन करेंगे। इसके लिए अभी से व्यापक जनसंपर्क अभियान चलाया जाएगा।
इसके साथ ही समाज को एकजुट और शिक्षित बनाने, युवाओं को नशे एवं अन्य कुसंगतियों से बचाने तथा सामाजिक कुरीतियों के खिलाफ जागरूक करने पर भी विचार रखे गए। वक्ताओं ने कहा कि समाज की तरक्की के लिए शिक्षा, आपसी भाईचारा और संगठनात्मक मजबूती बेहद जरूरी है।
सम्मेलन को सफल बनाने के लिए पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं को अलग-अलग जिम्मेदारियां सौंपने तथा अधिक से अधिक लोगों तक निमंत्रण पहुंचाने की रणनीति भी बनाई गई।

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