कैराना। नाबालिग किशोरी को बहला-फुसलाकर ले जाने एवं दुष्कर्म करने के मामले में दोष सिद्ध पाए जाने पर कोर्ट ने आरोपी को दस वर्ष के कारावास व 25 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई है।
जिला शासकीय अधिवक्ता(अपराध) संजय चौहान एवं विशेष लोक अभियोजक पुष्पेन्द्र मलिक ने बताया कि थाना झिंझाना पर क्षेत्र निवासी एक व्यक्ति ने धारा-363,366 व 376 आईपीसी तथा 3/4 पॉक्सो अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कराया था। बताया कि 30 जुलाई 2020 को उसकी नाबालिग पुत्री को रूपेश निवासी ग्राम पिंडौरा थाना झिंझाना बहला-फुसलाकर अपने साथ में ले गया। आरोपी ने उसके साथ में जबरदस्ती दुष्कर्म किया था। पुलिस ने आरोपी रूपेश को गिरफ्तार करके जेल भेज दिया था। विवेचक ने मामले की जांच करके आरोप-पत्र न्यायालय में दाखिल किया था। यह मामला कैराना स्थित अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश(पॉक्सो विशेष) अशोक भारतेन्दु की कोर्ट में विचाराधीन था। मामले में अभियोजन पक्ष की ओर से कुल 08 गवाह न्यायालय के समक्ष पेश किए गए। सोमवार को न्यायाधीश ने पत्रावली के अवलोकन करने एवं दोनों पक्षों के वरिष्ठ अधिवक्ताओं के तर्क-वितर्क सुनने के पश्चात आरोपी रूपेश को नाबालिग किशोरी से दुष्कर्म करने का दोषी करार देते हुए दस वर्ष के कारावास व 25 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई है।
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