हरियाणा से घर लौटते समय सड़क हादसे में बाबरी के दो युवकों की मौत, गांव में पसरा मातमपत्नी को नौ माह पहले खो चुके लोकेश छह बेटियों को छोड़ गए, सामान लेने गए थे हरियाणा; तेज रफ्तार कैंटर ने ट्रैक्टर-ट्रॉली में मारी टक्कर



क्षेत्र के गांव बाबरी में उस समय शोक की लहर दौड़ गई, जब हरियाणा के कुंडली से घर लौट रहे गांव के दो लोगों की सड़क हादसे में मौत की खबर शनिवार सुबह पहुंची। तेज रफ्तार कैंटर ने सड़क किनारे खड़ी सामान से लदी ट्रैक्टर-ट्रॉली में पीछे से जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि ट्रैक्टर और ट्रॉली का पिछला हिस्सा टूटकर खेत में जा गिरा। हादसे में ट्रैक्टर पर सवार दोनों युवकों की मौके पर ही मौत हो गई।
जानकारी के अनुसार बाबरी निवासी लोकेश पुत्र बाबूराम (45 वर्ष) अपने छोटे भाई श्रीनिवास, जो हरियाणा के कुंडली में रहकर टेंपो चलाते हैं, का घरेलू सामान वापस बाबरी लाने के लिए शुक्रवार सुबह करीब 11 बजे गांव के ही अजय कुमार पुत्र चमन सिंह (40 वर्ष) के साथ ट्रैक्टर-ट्रॉली से कुंडली गए थे। अजय भट्टे पर मिट्टी ढुलाई का कार्य करता था और उसी के ट्रैक्टर-ट्रॉली से दोनों सामान लेकर वापस लौट रहे थे।
बताया गया कि देर रात करीब 1:30 बजे बड़ौत के पास दोनों ने लघुशंका के लिए सड़क किनारे ट्रैक्टर-ट्रॉली रोक दी। इसी दौरान पीछे से तेज गति से आए एक कैंटर ने ट्रॉली में जोरदार टक्कर मार दी। दुर्घटना इतनी भयावह थी कि ट्रॉली और ट्रैक्टर का पिछला हिस्सा उखड़कर सड़क किनारे खेत में जा गिरा। दोनों ने मौके पर ही दम तोड़ दिया।
हादसे की सूचना मिलते ही दोनों परिवारों में कोहराम मच गया। परिजन रात में ही बड़ौत के लिए रवाना हो गए। जैसे ही घटना की खबर बाबरी पहुंची, पूरे गांव में शोक की लहर फैल गई और लोगों का दोनों परिवारों के घरों पर तांता लग गया।
लोकेश के परिवार पर यह हादसा दूसरी बड़ी त्रासदी बनकर टूटा है। करीब नौ माह पहले बीमारी के चलते उनकी पत्नी का निधन हो गया था। उनके परिवार में छह बेटियां हैं, जिनमें से दो की शादी हो चुकी है। इनमें से एक बेटी की शादी 9 जुलाई को ही हुई थी। पत्नी की मृत्यु के बाद परिवार की जिम्मेदारी अकेले लोकेश के कंधों पर थी। बताया जाता है कि छोटे भाई श्रीनिवास ने बच्चों के बेहतर पालन-पोषण के लिए कुंडली छोड़कर बाबरी में ही बसने का निर्णय लिया था। इसी कारण वह अपना घरेलू सामान लेने गए थे, लेकिन रास्ते में यह दर्दनाक हादसा हो गया।
वहीं हादसे में जान गंवाने वाले अजय कुमार अपने पीछे पत्नी और दो मासूम बेटियों को छोड़ गए हैं। बड़ी बेटी की उम्र करीब आठ वर्ष और छोटी बेटी की उम्र करीब छह वर्ष बताई गई है। परिवार के इकलौते कमाऊ सदस्य की असमय मौत से पूरे परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।
शनिवार शाम करीब चार बजे दोनों के शव गांव पहुंचे तो माहौल पूरी तरह गमगीन हो गया। परिजनों की चीख-पुकार और बिलखते मासूम बच्चों को देखकर वहां मौजूद हर व्यक्ति की आंखें नम हो गईं। सैकड़ों ग्रामीणों की मौजूदगी में दोनों का अंतिम संस्कार गांव के श्मशान घाट पर कर दिया गया। अंतिम यात्रा में बड़ी संख्या में ग्रामीण, रिश्तेदार और क्षेत्र के गणमान्य लोग शामिल हुए तथा शोक संतप्त परिवारों को ढांढस बंधाया।
यह दर्दनाक हादसा एक ही गांव के दो परिवारों की खुशियां एक साथ छीन ले गया। पूरे गांव में हर ओर मातम पसरा रहा और लोग हादसे को याद कर गमगीन नजर आए।

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