- अधिकारियों ने धरना स्थल पर पहुंचकर की वार्ता, नहीं बनी सहमति; ग्रामीण बोले- मांग पूरी होने तक आंदोलन रहेगा जारी
कैराना। क्षेत्र के गांव जगनपुर में प्रस्तावित 11 हजार केवी हाईटेंशन विद्युत लाइन को लेकर विवाद चौथे दिन भी जारी रहा। आबादी एवं प्राथमिक विद्यालय के निकट से विद्युत लाइन ले जाने के विरोध में ग्रामीण लगातार धरने पर डटे रहे। शनिवार को विद्युत विभाग और प्रशासनिक अधिकारियों ने धरना स्थल पर पहुंचकर ग्रामीणों से वार्ता की, लेकिन कोई सहमति नहीं बन सकी।
ग्रामीणों का कहना है कि विद्युत विभाग जगनपुर से मन्ना माजरा ईदगाह के निकट विकसित हो रही कॉलोनी तक नई 11 हजार केवी हाईटेंशन लाइन बिछा रहा है। प्रस्तावित लाइन गांव की आबादी एवं प्राथमिक विद्यालय के समीप से गुजर रही है, जिससे बच्चों, महिलाओं और अन्य ग्रामीणों की सुरक्षा पर खतरा मंडरा रहा है। उनका कहना है कि पूर्व में भी लाइन में स्पार्किंग और फॉल्ट की घटनाएं हो चुकी हैं, ऐसे में किसी भी समय बड़ा हादसा हो सकता है। ग्रामीणों ने बताया कि इस संबंध में जिलाधिकारी सहित विद्युत विभाग के अधिकारियों को कई बार ज्ञापन देकर लाइन का मार्ग बदलने की मांग की जा चुकी है, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। इसी के विरोध में जगनपुर, कंडेला, हिंगोखेड़ी और शेखूपुरा गांवों के ग्रामीण लगातार चौथे दिन भी धरने पर बैठे रहे। धरना स्थल पर विद्युत वितरण खंड चतुर्थ के अधिशासी अभियंता (एक्सईएन) जयप्रकाश, एसडीओ के.के. दिवाकर, नायब तहसीलदार सतीश यादव, उपनिरीक्षक यशपाल सोम तथा लेखपाल अनुराग पंवार पहुंचे और ग्रामीणों से वार्ता कर धरना समाप्त करने का आग्रह किया। हालांकि ग्रामीण अपनी मांग पर अड़े रहे और विद्युत लाइन को आबादी से हटाए जाने तक आंदोलन जारी रखने की बात कही। धरने में पहुंचे डॉ. योगी गौतम नाथ और भाजपा नेता अनिल चौहान ने ग्रामीणों की मांग का समर्थन करते हुए कहा कि लोगों की सुरक्षा सर्वोपरि है। आबादी और विद्यालय के बीच से हाईटेंशन लाइन ले जाना उचित नहीं है। उन्होंने प्रशासन से जनहित में समाधान निकालने की मांग की। वहीं, एक्सईएन जयप्रकाश ने बताया कि फिलहाल 11 हजार केवी विद्युत लाइन के निर्माण कार्य पर रोक लगा दी गई है। उन्होंने कहा कि ग्रामीणों से सहमति बनने के बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी। हालांकि विभाग की ओर से धरना समाप्त होने की बात कही गई, जबकि धरना स्थल पर मौजूद ग्रामीणों ने स्पष्ट किया कि जब तक उनकी मांग पूरी नहीं होगी, तब तक धरना जारी रहेगा।

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