ऐतिहासिक नगरी कैराना अपनी प्राचीन विरासत, मुगलकालीन धरोहरों और सांस्कृतिक पहचान के लिए जानी जाती है। लेकिन दुर्भाग्य की बात है कि जहां एक ओर कैराना का प्रसिद्ध नवाब तालाब जनप्रतिनिधियों की उपेक्षा, अतिक्रमण और गंदगी के कारण अपनी पहचान खोता जा रहा है, वहीं दूसरी ओर नगर के ऐतिहासिक आमजोहड़ तालाब को लेकर एक नया मामला चर्चा का विषय बन गया है।
दरअसल, Google Maps पर आमजोहड़ तालाब (कैराना) को “Permanently Closed” (स्थायी रूप से बंद) दिखाया जा रहा है। इसको लेकर नगरवासियों में हैरानी और नाराजगी है। लोगों का सवाल है कि आखिर कोई तालाब कैसे “स्थायी रूप से बंद” हो सकता है, जबकि वह न कोई दुकान है, न विद्यालय, न अस्पताल और न ही कोई फैक्ट्री।
स्थानीय लोगों का कहना है कि आमजोहड़ तालाब एक सार्वजनिक एवं प्राकृतिक जलस्रोत है, जो वर्षों से क्षेत्र की पहचान और पर्यावरण का महत्वपूर्ण हिस्सा रहा है। ऐसे में Google Maps पर इसे “Permanently Closed” दर्शाया जाना वास्तविक स्थिति के विपरीत प्रतीत होता है।
नगर के जागरूक नागरिकों ने संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों और Google Maps की टीम से इस मामले का संज्ञान लेकर तथ्यात्मक स्थिति स्पष्ट करने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि यह जानकारी तकनीकी त्रुटि या किसी गलत अपडेट के कारण प्रदर्शित हो रही है, तो इसे तत्काल सुधारा जाना चाहिए, ताकि लोगों तक सही जानकारी पहुंच सके।
पर्यावरण प्रेमियों का कहना है कि तालाब, जोहड़ और अन्य जलस्रोत किसी भी क्षेत्र के पर्यावरणीय संतुलन, भूजल संरक्षण और सांस्कृतिक विरासत के महत्वपूर्ण आधार होते हैं। इन्हें “बंद” नहीं बल्कि संरक्षित और पुनर्जीवित किए जाने की आवश्यकता है।
जानकारी के अनुसार, Google Maps पर आमजोहड़ तालाब का स्थान स्थानीय Google Local Guide लेवल-7 मुहम्मद उमर कैरानवी द्वारा जोड़ा गया था। नगरवासियों का मानना है कि जनसहयोग और संबंधित विभागों के प्रयासों से Google Maps पर तालाब की वास्तविक स्थिति पुनः बहाल कराई जा सकती है।
नगर के बुद्धिजीवियों का कहना है कि कैराना के तालाब और जोहड़ केवल जलस्रोत नहीं हैं, बल्कि यह नगर की ऐतिहासिक धरोहर और सांस्कृतिक पहचान के प्रतीक भी हैं। इनके संरक्षण के साथ-साथ डिजिटल प्लेटफॉर्म पर भी उनकी सही जानकारी दर्ज होना बेहद आवश्यक है।

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