गत रात्रि नगर के बड़े इमामबाड़े में जश्न-ए-गदीर का आयोजन,


कैराना। कस्बे के बड़े इमामबाड़े में जश्न ईद-ए-गदीर के अवसर पर जश्न-ए-गदीर महफिल का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में अकीदतमंदों ने शिरकत की। उलेमा एवं वक्ताओं ने हजरत अली की शान, फजीलत और वाकया-ए-गदीर-ए-खुम की अहमियत पर विस्तार से प्रकाश डाला।

महफिल का शुभारंभ तिलावत-ए-कुरआन पाक से हुआ। इसके बाद नात, मनकबत और तकरीरों का सिलसिला चला। वक्ताओं ने कहा कि गदीर-ए-खुम इस्लामी इतिहास का एक महत्वपूर्ण अध्याय है, जो इंसानियत, भाईचारे, न्याय और सच्चाई के रास्ते पर चलने का संदेश देता है। उन्होंने हजरत अली के चरित्र, ज्ञान और नेतृत्व क्षमता को समाज के लिए आदर्श बताया।

कार्यक्रम में हाजी शायान हुसैन, इरशाद खान, उस्मान उस्मानी, शहजादा हेदर साकी, कारी फरीद ,कमरुद्दीन मेहदी, मोहम्मद सुल्तान जाफर जैदी, कुर्रतु एन मेहंदी, असद रजा, हुसैन अली, शान ए हैदर शानू,शनावर अली, महमूद हैदर, राहिल अली, मोहम्मद अब्बास, रजा गाजी, अब्बास अहमद, मारूफ अली सहित अनेक गणमान्य लोगों ने भाग लिया।

इस अवसर पर शायरों ने मौला अली की बारगाह में मनकबती कलाम और नज़्में पेश कर श्रद्धा व्यक्त कीं। कार्यक्रम के समापन पर देश में अमन-चैन, भाईचारे और खुशहाली के लिए विशेष दुआ की गई तथा उपस्थित लोगों में तबर्रुक वितरित किया गया।

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