थाना बाबरी क्षेत्र की एक गर्भवती महिला ने अपने पति और ससुराल पक्ष के लोगों पर गर्भ में पल रहे शिशु का लिंग परीक्षण कराने तथा बेटी होने की आशंका पर गर्भपात कराने का दबाव बनाने का गंभीर आरोप लगाया है। पुलिस ने पीड़िता की तहरीर पर पति समेत पांच लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
हिरनवाड़ा निवासी मधु ने पुलिस को दी तहरीर में बताया कि उसका अपने पति रजत निवासी गांव ट्योंठा, जिला कैथल (हरियाणा) से मनमुटाव चल रहा था। समाज के लोगों और परिजनों के समझाने पर 15 जून को उसे ससुराल भेज दिया गया। आरोप है कि वहां पहुंचने के कुछ समय बाद उसकी ननदें और अन्य रिश्तेदार भी आ गए। इसी दौरान उसे चाय में नशीला पदार्थ देकर बेहोश कर दिया गया और अज्ञात स्थान पर ले जाकर गर्भ में पल रहे बच्चे का लिंग परीक्षण कराया गया।
पीड़िता का आरोप है कि होश आने पर उसने ससुराल पक्ष के लोगों को यह कहते सुना कि गर्भ में लड़की है और वे लड़की को जन्म नहीं लेने देंगे। विरोध करने पर पति, सास और अन्य परिजनों ने उसके साथ मारपीट की तथा पेट में लात-घूंसों से हमला किया। शोर सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे, जिसके बाद आरोपी वहां से हट गए।
महिला ने बताया कि घटना के बाद उसके पेट में दर्द शुरू हो गया। परिजन उसे उपचार के लिए अस्पताल ले गए, जहां उसका मेडिकल परीक्षण कराया गया। स्वास्थ्य में कुछ सुधार होने पर उसने बाबरी थाने पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई।
थाना प्रभारी राहुल सिसोदिया ने बताया कि पीड़िता की तहरीर के आधार पर पति रजत, सास सजनो देवी तथा तीन अन्य रिश्तेदारों के खिलाफ संबंधित धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। मामले की जांच की जा रही है और जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

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