कैराना।विजय सिंह पथिक राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय कैराना शामली परिसर में महाविद्यालय की राष्ट्रीय सेवा योजना इकाई, एनसीसी इकाई एवम शारीरिक शिक्षा विभाग के संयुक्त तत्वावधान में बारहवें अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस का आयोजन किया गया जिसकी इस वर्ष थीम "स्वस्थ वृद्धावस्था के लिए योग" रही। इस अवसर पर योग शिविर तथा "मानसिक एवम शारीरिक स्वास्थ्य प्रबंधन में योग की भूमिका" विषयक संगोष्ठी का आयोजन किया गया। इसके अतिरिक्त छात्र,छात्राओं, प्राध्यापकों एवम कर्मचारियों ने योग को अपनी दैनिक जीवन शैली में शामिल करने हेतु शपथ ग्रहण की।
कार्यक्रम का शुभारंभ करते हुए प्राचार्य डॉ हरेंद्र सिंह जी ने छात्र/छात्राओं को भारतीय संस्कृति में योग की महत्ता तथा उसके विकास पर विस्तार पूर्वक जानकारी प्रदान की साथ ही योग के सांस्कृतिक,
सामाजिक एवं ऐतिहासिक परिप्रेक्ष्य से भी परिचित कराया। उन्होंने मानसिक एवम शारीरिक विकारों के प्रबंधन में योग की भूमिका पर विस्तारपूर्वक प्रकाश डाला तथा छात्र/ छात्राओं की काउंसलिंग की।
कार्यक्रम की संयोजिका डॉ डॉली , कार्यक्रम अधिकारी राष्ट्रीय सेवा योजना ने सितंबर 2014 में संयुक्त राष्ट्र आम सभा में पारित उस प्रस्ताव व उस प्रस्ताव के संबंध में भारत की भूमिका पर प्रकाश डाला जिसके अंतर्गत सम्पूर्ण विश्व में 21 जून,2015 से निरंतर अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस जन अभियान के रूप में मनाया जा रहा है। उन्होंने इस वर्ष की थीम " स्वस्थ वृद्धावस्था के लिए योग" विषय में छात्र/छात्राओं को जानकारी प्रदान की।
कार्यक्रम के संयोजक डॉ रामकुमार, एनसीसी प्रभारी ने छात्र एवम छात्राओं को पर्यावरण अनुकूल जीवन शैली अपनाने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि स्वस्थ एवम अनुशासित जीवन शैली अपनाकर रोगों से बचा जा सकता है। उन्होंने योग को दैनिक जीवन का अंग बनाने के लिए शिविर में उपस्थित प्राध्यापकों एवं छात्र/छात्राओं को योग संबंधी शपथ ग्रहण कराई। इस अवसर पर 85 एनसीसी बटालियन से हवलदार यशपाल शर्मा जी उपस्थित रहे।
महाविद्यालय के पुरातन छात्र एवम योग प्रशिक्षक नवीन चंद्रा ने शिविर में उपस्थित छात्र/छात्राओं को योग के प्रोटोकॉल से परिचित कराया। उन्होंने छात्र/छात्राओं को सूर्य नमस्कार, अनुलोम विलोम,
कपालभाति,पद्मासन,वज्रासन,उष्ट्रासन आदि विभिन्न योगासनों का अभ्यास कराया तथा उनके महत्व एवं सावधानियों पर विस्तारपूर्वक प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि सूर्य नमस्कार को प्रत्येक विद्यार्थी को अपने दैनिक जीवन का अभिन्न अंग बनाना चाहिए। उन्होंने छात्र एवम छात्राओं को शवासन, ब्रह्म मुद्रा, गोमुख आसन,सेतु बांध,त्रिकोण,
मुद्रा,वृक्षासन,दंडासन,उत्कट आसन आदि का अभ्यास कराया।
राष्ट्रगान के पश्चात कार्यक्रम का गरिमा पूर्ण समापन हो गया। कार्यक्रम को सफल बनाने में महाविद्यालय परिवार के पप्पन,एनसीसी कैडेट्स दीपांशु, प्रशांत, शिवी,साइमा, प्राची, वंशिका एवम एनएसएस स्वयंसेवक वंश कुमार, अमजद, सादिक, पीनू कुमार, आंचल, अर्पण, ईशा आदि का महत्वपूर्ण योगदान रहा।

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