राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम) के तहत राशन कार्डधारक महिलाओं को स्वयं सहायता समूहों से जोड़ने की प्रक्रिया को लेकर शुक्रवार को बाबरी के एक राशन वितरण केंद्र पर कुछ महिलाओं ने विरोध जताया। महिलाओं का आरोप है कि उनसे स्वयं सहायता समूह में शामिल होने के लिए कहा गया और कुछ महिलाओं ने इसे अनिवार्य बताए जाने पर आपत्ति जताई।
ग्रामीण महिलाओं का कहना है कि उन्हें बताया गया कि स्वयं सहायता समूह से जुड़ना आवश्यक है। इस दौरान कुछ महिलाओं शहजादी, शबाना ,मेहरुन्निसा ने समूह में शामिल होने से इनकार कर दिया, जिसके बाद मौके पर बहस की स्थिति बन गई। महिलाओं का आरोप है कि उन्हें कहा गया कि यदि वे समूह से नहीं जुड़ेंगी तो राशन मिलने में समस्या हो सकती है। इस बात का महिलाओं ने विरोध किया।
मामले में राशन विक्रेता श्रीमती संतोष के पति ऋषिपाल सैनी ने आरोपों का खंडन किया है। उन्होंने बताया कि शासन स्तर से प्राप्त निर्देशों के अनुसार सभी महिला राशन कार्डधारकों को स्वयं सहायता समूहों से जोड़ने का अभियान चलाया जा रहा है। इसके लिए महिलाओं से आधार कार्ड, बैंक पासबुक और राशन कार्ड की फोटो कॉपी उपलब्ध कराने का अनुरोध किया गया है।
उन्होंने कहा कि किसी भी महिला को राशन देने से मना नहीं किया गया है और न ही राशन रोकने जैसी कोई बात कही गई है। उनका कहना है कि केवल सरकारी निर्देशों के अनुपालन में महिलाओं को स्वयं सहायता समूहों से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है।
मामले को लेकर क्षेत्र में चर्चा का माहौल बना हुआ है। वहीं महिलाओं ने प्रशासन से स्थिति स्पष्ट करने की मांग की है, ताकि राशन वितरण और स्वयं सहायता समूह से जुड़ने को लेकर किसी प्रकार की भ्रम की स्थिति न रहे।

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