दिल्ली–देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर पर इन दिनों वाहनों की रफ्तार अपने चरम पर है। आधुनिक तकनीक और बेहतर संरचना से सुसज्जित इस हाईवे ने जहां क्षेत्रवासियों में उत्साह का माहौल पैदा किया है, वहीं यातायात नियमों की अनदेखी लगातार जानलेवा साबित हो रही है। खासकर दुपहिया और अन्य प्रतिबंधित वाहनों की बेधड़क आवाजाही चिंता का कारण बन गई है।
दिल्ली देहरादून हाईवे पर अभी टोल प्लाजा पूरी तरह संचालित नहीं हुए हैं। ऐसे में कई दुपहिया वाहन एवं प्रतिबंधित वाहन बिना किसी रोक-टोक के हाईवे पर दौड़ लगा रहे हैं। यह लापरवाही न केवल नियमों का उल्लंघन है, बल्कि गंभीर सड़क हादसों को भी न्योता दे रही है। शुक्रवार को इसी तरह की एक दुखद घटना में बाबरी क्षेत्र के दो युवक दोघट थाना क्षेत्र में हादसे का शिकार हो गए। हादसे में एक युवक की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दूसरा गंभीर रूप से घायल हो गया।
स्थानीय लोगों के अनुसार, नए बने इस हाईवे को देखने के लिए युवाओं में खासा उत्साह है। बड़ी संख्या में युवा बिना सुरक्षा मानकों का पालन किए हाईवे पर पहुंच रहे हैं, जिससे दुर्घटनाओं का खतरा और बढ़ जाता है। इसके अलावा, गूगल मैप पर अभी इस कॉरिडोर का मार्ग पूरी तरह अपडेट न होने से वाहन चालकों को रास्ता ढूंढने में भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
हालांकि, यह इकोनॉमिक कॉरिडोर क्षेत्र के विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। इसके माध्यम से आवागमन सुगम होगा और व्यापार, उद्योग के साथ-साथ रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे। विशेष रूप से हिरणवाड़ा और गोगवान जलालपुर के बीच बन रहे रेस्ट हाउस से स्थानीय लोगों को रोजगार मिलने की उम्मीद है।
इसके बावजूद, जब तक यातायात नियमों का कड़ाई से पालन नहीं कराया जाता और टोल संचालन पूरी तरह लागू नहीं होता, तब तक इस आधुनिक हाईवे पर हादसों की आशंका बनी रहेगी।
प्रशासन ने वाहन चालकों से अपील की है कि वे यातायात नियमों का पालन करें और प्रतिबंधित वाहनों को हाईवे पर न चलाएं, ताकि किसी भी अनहोनी से बचा जा सके और जीवन सुरक्षित रखा जा सके।

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