बाबरी स्थित विश्व धारनी भारत गैस एजेंसी पर प्रशासनिक कार्रवाई के बाद क्षेत्र में गैस आपूर्ति पूरी तरह ठप हो गई है, जिससे हजारों उपभोक्ताओं के सामने रसोई का संकट खड़ा हो गया है। बुधवार शाम ग्रामीणों की शिकायत पर एसडीएम सदर निधि भारद्वाज के निर्देश पर नायब तहसीलदार गौरव कुमार ने टीम के साथ एजेंसी का औचक निरीक्षण किया था। जांच के दौरान कई अनियमितताएं सामने आने पर गोदाम को तत्काल प्रभाव से सील कर दिया गया।
कार्रवाई के अगले ही दिन बृहस्पतिवार सुबह से एजेंसी परिसर पर उपभोक्ताओं की भीड़ उमड़ पड़ी। एजेंसी प्रबंधन ने गोदाम के बाहर बोर्ड लगा दिया कि “सील खुलने पर ही गैस आपूर्ति सुनिश्चित की जाएगी”, लेकिन इससे उपभोक्ताओं की परेशानी और बढ़ गई। दूर-दराज गांवों से आए लोग सिलेंडर लेने पहुंचे, मगर सील लगी होने के कारण उन्हें मायूस होकर लौटना पड़ा।
स्थिति की गंभीरता का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि क्षेत्र के हजारों परिवार इसी एजेंसी पर निर्भर हैं। ऐसे में अचानक आपूर्ति ठप होने से घरों की रसोई पर सीधा असर पड़ा है। ग्रामीण इलाकों में गैस ही प्रमुख ईंधन होने के कारण लोग अब वैकल्पिक साधनों की ओर लौटने को मजबूर हो रहे हैं।
उपभोक्ताओं की पीड़ा छलकी
1-बाबरी निवासी श्रीचंद ने बताया कि उन्होंने 9 अप्रैल को गैस सिलेंडर बुक कराया था और कई दिनों से इंतजार कर रहे थे। आज डिलीवरी मिलने की उम्मीद थी, लेकिन एजेंसी पर सील मिली। घर में गैस खत्म है अब खाना बनाना भी मुश्किल हो गया है।
2-भैसानी निवासी आसिफ भी सिलेंडर लेने पहुंचे थे, लेकिन उन्हें भी खाली हाथ लौटना पड़ा। उनका कहना है कि एक दिन की देरी भी घर के कामकाज को प्रभावित कर देती है, यहां तो पूरी व्यवस्था ही ठप हो गई है।
3-सूरजपुर निवासी आशीष ने बताया कि एजेंसी बंद होने से गांवों में चिंता का माहौल है। कई घरों में गैस खत्म होने वाली है, अगर जल्द समाधान नहीं हुआ तो हालात बिगड़ सकते हैं।
4- गोगवान जलालपुर निवासी पंकज शर्मा ने कहा कि मजदूर वर्ग के लिए यह समस्या और भी गंभीर है। रोज कमाने-खाने वाले लोग हैं।गैस न होने पर चूल्हे का इंतजाम करना भी आसान नहीं हैं।
हालांकि प्रशासन की यह कार्रवाई अनियमितताओं को लेकर की गई है, लेकिन उपभोक्ताओं का कहना है कि अचानक एजेंसी सील होने से आम लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। लोगों का कहना है कि जांच अपनी जगह जरूरी है, लेकिन गैस जैसी आवश्यक सेवा को पूरी तरह बंद कर देना उचित नहीं है।फिलहाल एजेंसी पर लगी सील ने आम जनजीवन को प्रभावित कर दिया है। सैकड़ों नहीं बल्कि हजारों परिवारों के सामने रसोई चलाने का संकट खड़ा हो गया है। उपभोक्ताओं को उम्मीद है कि प्रशासन जल्द ही कोई ठोस और व्यावहारिक कदम उठाएगा, जिससे गैस आपूर्ति बहाल हो सके और लोगों की दिनचर्या सामान्य हो सके।

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