धर्म की स्थापना के लिए प्रभु लेते हैं अवतार: पंडित अरुण कौशल जी



क्षेत्र के गांव बुटराडा में आयोजित श्रीराम कथा के तीसरे दिन कथा व्यास पंडित अरुण कौशल जी महाराज ने श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए कहा कि जब-जब धरती पर धर्म की हानि होती है और अधर्म बढ़ता है, तब-तब भगवान अवतार लेकर भक्तों की रक्षा करते हैं और धर्म की पुनः स्थापना करते हैं।
उन्होंने कहा कि यदि माताएं चरित्रवान, संस्कारी और धर्मपरायण होंगी तो समाज में प्रभु के समान महान व्यक्तित्वों का अवतार होना निश्चित है। माता कौशल्या और देवकी का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि आदर्श मातृत्व ही महान संतानों को जन्म देता है। इसलिए माताओं को अपने बच्चों को अच्छे संस्कार देने चाहिए, ताकि समाज और देश का भविष्य उज्ज्वल बन सके।
कथा के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु, महिलाएं, पुरुष पुरुष युवक बुजुर्ग आदि ग्रामीण उपस्थित रहे और भक्ति भाव से कथा श्रवण किया। पूरा वातावरण भगवान श्रीराम के जयकारों और भजनों से भक्तिमय बना रहे।

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