शबे कद्र की रात में शहर की कई मस्जिदों में तरावीह में कुरआन पूरा



कैराना, 15 मार्च 
शहर के अलग-अलग मोहल्लों और मस्जिदों में पच्चीसवीं रात यानी शबे कद्र के मौके पर धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए गए। इस दौरान तरावीह की नमाज़ में कुरआन शरीफ पूरा किया गया। मस्जिदों और घरों में बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे और सभी ने श्रद्धा के साथ इस कार्यक्रम में हिस्सा लिया।

जानकारी के अनुसार गुलशन नगर की फातिमा मस्जिद, पुराना बाजार की राजों वाली मस्जिद, दरबार कलां में पूर्व चेयरमैन हाजी राशिद अली के घर तथा खुरगान रोड पर नदीम अंसारी के घर पर क्रमशः हाफिज मोहम्मद अनस छपरौली, मौलाना हाफिज हुजैफा कासमी, हाफिज मसीहुल्लाह कुरैशी और हाफिज मोहम्मद शान आलम ने तरावीह में कुरआन शरीफ पूरा कराया। इन कार्यक्रमों में कारी मोहम्मद इरफान खान जिया, हाफिज रिजवान शम्सी, हाफिज मोहम्मद शुऐब और कारी शराफत ने भी सहयोग किया।

इस मौके पर उलेमा ने शबे कद्र की महत्ता बताते हुए लोगों को भलाई के काम करने और अल्लाह से अपने गुनाहों की माफी मांगने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि रमज़ान का यह समय लोगों को अपने जीवन में अच्छे काम करने और जरूरतमंदों की मदद करने की प्रेरणा देता है।

मौलाना बिलाल अहमद मिफ्ताही ने कहा कि रमज़ान का दूसरा हिस्सा गुनाहों की माफी का समय होता है और इस दौरान सच्चे दिल से प्रार्थना (दुआ) करने पर अल्लाह माफी देता है। कारी मोहम्मद इरफान खान ज़िया ने कुरआन की शिक्षा पर चलते हुए जीवन को बेहतर बनाने की बात कही।

मौलाना मुफ्ती इफ्तिखार कासमी ने रोज़ा और एतिकाफ की अहमियत बताते हुए कहा कि इससे इंसान में संयम और ईश्वर के प्रति समर्पण की भावना पैदा होती है। वहीं मौलाना मोहम्मद ताहिर ने ज़कात और दान की महत्ता बताते हुए लोगों से जरूरतमंदों की सहायता करने की अपील की।

अंत में कुरआन शरीफ पूरा होने के बाद विशेष प्रार्थना की गई, जिसमें देश में शांति, समाज की भलाई और पूरी दुनिया में अमन के लिए दुआ मांगी गई।

इस अवसर पर जामा मस्जिद कैराना के इमाम मौलाना मोहम्मद ताहिर, मौलाना मुफ्ती मोहम्मद इफ्तिखार कासमी, मौलाना मोहम्मद फुरकान मेंबर, महराब चौधरी, हाजी मोहम्मद अफज़ाल, हाजी मोहम्मद हाशिम, दानिश मेंबर, इंतजार मेंबर, मोहम्मद उमर कैरानवी ,राशिद मेंबर, डॉ. अजमतुल्ला खान, हाजी मोहम्मद ताहिर, भाई मोहम्मद साजिद, मोहम्मद सलमान बिजली वाले, मोहम्मद कासिम, अब्दुल्ला राई, भाई मोहम्मद रईस, अब्दुलहफीज, मोहम्मद तैय्यब और भाई मोहम्मद नौशाद समेत कई गणमान्य लोग मौजूद रहे।

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