चोरी, गोवध, पशु क्रूरता व अवैध हथियार बरामदगी के पांच आरोपियों को कारावास व अर्थदंड



कैराना। कोर्ट ने चोरी, गोवध, पशु क्रूरता व अवैध हथियार बरामदगी के चार अलग-अलग मामलों में दोषी पाए जाने पर पांच आरोपियों को कारावास व अर्थदंड की सजा सुनाई है।

एसपी शामली नरेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि वर्ष-2005 में पवन निवासी टंकी कॉलोनी शामली के विरुद्ध स्थानीय कोतवाली पर अवैध हथियार बरामदगी के आरोप में मुकदमा दर्ज हुआ था। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार करके जेल भेज दिया था। विवेचक ने मामले की तफ्तीश करके आरोप-पत्र कोर्ट में दाखिल किया था। यह मामला कैराना स्थित कोर्ट में विचाराधीन था। पुलिस द्वारा न्यायालय में प्रभावी एवं सशक्त पैरवी की गई, जिसके चलते कोर्ट ने गुरुवार को आरोपी पवन को दोषी करार देते हुए जेल में बिताई अवधि के कारावास व कुल 500 रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई। दूसरा मामला वर्ष-2013 का है। शौकीन निवासी ग्राम तावली थाना शाहपुर व नौशाद निवासी मोहल्ला खादरवाला मुजफ्फरनगर के विरुद्ध झिंझाना थाने पर गोवध अधिनियम की धारा-3/5/8 व पशु क्रूरता अधिनियम की धारा-11(घ) के तहत अभियोग दर्ज हुआ था। विवेचक ने तफ्तीश करके आरोप-पत्र कोर्ट में दाखिल किया था। पुलिस द्वारा न्यायालय में प्रभावी एवं सशक्त पैरवी की गई, जिसके चलते कोर्ट ने गुरुवार को आरोपी शौकीन व नौशाद को दोषी करार देते हुए जेल में बिताई अवधि के कारावास व छह-छह हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया। तीसरा मामला वर्ष-2014 का है। सोनू निवासी ग्राम लुहारी खुर्द थाना चरथावल जनपद मुजफ्फरनगर के विरुद्ध कोतवाली शामली पर चोरी, गोवध व पशु क्रूरता के आरोप में अभियोग दर्ज हुआ था। विवेचक ने तफ्तीश करके आरोप-पत्र कोर्ट में दाखिल किया था। पुलिस द्वारा न्यायालय में प्रभावी एवं सशक्त पैरवी की गई, जिसके चलते कोर्ट ने गुरुवार को आरोपी सोनू को दोषी करार देते हुए जेल में बिताई अवधि के कारावास व 6,050 रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई। चौथा मामला वर्ष-2024 का है। आरोपी नदीम निवासी गली नंबर-08 सलेख विहार शामली के विरुद्ध स्थानीय कोतवाली पर अवैध हथियार बरामदगी के आरोप में मुकदमा दर्ज हुआ था। यह मामला भी कैराना स्थित कोर्ट में विचाराधीन था। कोर्ट ने गुरुवार को आरोपी नदीम को दोषी करार देते हुए जेल में बिताई अवधि के कारावास व 1500 रुपये के अर्थदंड से दंडित किया। अर्थदंड अदा न करने पर कोर्ट ने सभी मामलों में अतिरिक्त कारावास भुगतने के भी निर्देश दिए है।
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