कैराना : विजय सिंह पथिक राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय की राष्ट्रीय सेवा योजना प्रथम इकाई के सात दिवसीय विशेष शिविर के दूसरे दिन छात्र-छात्राओं ने श्रमदान कर साफ़ सफाई कर तत्पश्चात योग साधना की गई।
शिविर के दूसरे दिन को "शिक्षा व संविधान द्वारा नागरिकों का सशक्तिकरण" के रूप में मनाया गया। प्रथम सत्र में छात्र/छात्राओं द्वारा आज शिविर स्थल कंपोजिट उच्च प्राथमिक विद्यालय आर्य पुरी कैराना देहात के छात्र - छात्राओं को भारत के संविधान के विषय में प्राथमिक जानकारी प्रदान की तथा अनुशासन एवम् व्यक्तित्व विकास के महत्व बिंदु बताए।शिक्षा,साक्षरता व संविधान के प्रति प्राथमिक जानकारी संबंधी सर्वे किया। दीवारों पर शिक्षा संबंधी स्लोगन लिखकर व संविधान में वर्णित महत्वपूर्ण अनुच्छेदों को लिखकर वहां के निवासियों को जागरूक किया तथा जागरूकता रैली निकाली। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि एवम् वक्ता के रूप में उपस्थित गजेन्द्र सिंह खण्ड शिक्षा अधिकारीचांदपुर,बिजनौर का छात्र- छात्राओं द्वारा सर्वप्रथम बैज अलंकरण कर स्वागत किया गया। अपने व्याख्यान में उन्होंने छात्र/छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा कि भारत के संविधान में 86 वें संविधान संशोधन 2002 द्वारा 6 से 14 वर्ष तक के बालकों के लिए निशुल्क एवं अनिवार्य शिक्षा को अनुच्छेद 21 क के तहत मौलिक अधिकार के रूप में मान्यता प्रदान की गई साथ ही अनुच्छेद 51 क में उसे 11 वें मौलिक कर्तव्य के रूप में स्थान देकर माता-पिता-अभिभावकों का यह मौलिक कर्तव्य निर्धारित किया गया कि वे अपने बच्चों को पढ़ाए। शिक्षा विशेषकर बालिकाओं की शिक्षा के लिए सरकार द्वारा चलाई जा रही विभिन्न योजनाओं और कार्यक्रमों के विषय में छात्र/छात्राओं को विस्तार से जानकारी प्रदान की तथा शिक्षा व कौशल विकास द्वारा व्यक्तित्व विकास के विभिन्न टिप्स भी प्रदान किए।
कार्यक्रम के अंत में राष्ट्रीय सेवा योजना के लक्ष्य गीत तथा संविधान की प्रस्तावना का पाठ किया गया तथा राष्ट्रगान के पश्चात द्वितीय दिवस का समापन हो गया। दूसरे दिन की शिविर व्यवस्था में झांसी की रानी टोली की नायिका खुशी रानी तथा सह नायिका के नेतृत्व व निर्देशन में टीम के सदस्य प्रवेशदेवी ,काजल ,आकांक्षा,पूजा,छवि देवी,यास्मीन, अस्ना तथा महाविद्यालय के कर्मचारी श्री मसीचरण ने अपना अमूल्य योगदान प्रदान किया।
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