मुख्यमंत्री के आदेशों की अवहेलना कर रही कैराना पुलिस


- प्रदेश के मुख्यमंत्री ने अवैध टैक्सी स्टैंड के संचालन को बंद कराने के दे रखे हैं सख्त निर्देश

- साठ वाहनों से 1500 से लेकर दो हजार रूपए तक प्रतिमाह वसूला जाता है सुविधाशुल्क

कैराना।कैराना पानीपत मार्ग पर पुलिस की देख रेख में दिनभर में पांच दर्जन से अधिक डग्गामार वाहन सरपट हाईवे पर दौड़ रहे हैं। इन वाहनों से कई परिवार की खुशियां छीन गई है। लेकिन हादसों के बाद भी कोतवाली पुलिस के संरक्षण में संचालित है लगभग पांच दर्जन से अधिक वाहन।
आखिर क्यों नहीं लग पाता अंकुश ?

नगर के मुख्य मार्ग पर कोतवाली के समीप सड़क पर स्थित पालिका बाजार व कांधला तिराहे पर मुख्यमार्ग से डग्गामार वाहनों का संचालन किया जाता है। यह क्षेत्र कोतवाली पुलिस के अंतर्गत किला गेट चौकी व इमामगेट चौकी क्षेत्र में मौजूद है। पूर्व में सड़क हादसे में ये वाहन कई परिवारों की खुशियां छीन चुके है। हादसों की सबसे बडी वजह सड़कों पर अनफिट और खटारा वाहनों का परिचालन प्रमुख है। कोतवाली पुलिस की देख रेख में सड़क पर डग्गामार वाहन सरपट दौड़ रहे हैं। इनके परिचालन पर रोक लगाने के लिए प्रशासनिक पहल सिफर है। सूत्र बताते है कि हाइवे पर दौड़ने वाले वाहनों की संख्या 60 से अधिक है। प्रत्येक माह इन अवैध डग्गामारों का संचालन सुचारू रखने के लिए वाहन स्वामियों से पंद्रह सौ से दो हजार रूपए एकत्रित कर धनराशि को संरक्षणदाता को भेंट की जाती है,जिसके बाद ही वाहनों के संचालन की अनुमति दी जाती है। सेटिंग-गेटिंग के इस खेल का संरक्षण कैराना पुलिस द्वारा किया जाता है,तो फिर कार्रवाई की आस लगाना फिजूल है, जब कानून के मुहाफिज ही अवैध धंधों का संरक्षण करेंगे तो फिर कानून का पालन कौन कराएगा? कोतवाली गेट के बीचों बीच बैठे पुलिस अधिकारियों की आंखों के सामने से दर्जनों अवैध डग्गामार वाहन प्रतिदिन फर्राटे भरते हैं। क्या अवैध वाहन नजर नहीं आते या फिर सुविधा शुल्क के लालच में उन्हें नजर अंदाज कर दिया जाता है।
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अतिक्रमण के लिए गंभीर,डग्गामार वाहनों के लिए नजीर

नगर के मुख्यमार्ग पर मौजूद अतिक्रमण पर कार्रवाई करने को कोतवाल व्यापारियों को चेतावनी देते है। मार्ग को अवरुद्ध कर डग्गामार वाहनों का खुलेआम संचालन होता है। लेकिन यह किसी को दिखाई नहीं देते क्या यह अतिक्रम की श्रेणी नही आता अगर आता है तो फिर कार्रवाई में भेदभाव क्यों? पिछले दिनों दल बल के साथ कैराना नगर का भ्रमण कर दुकानों के आगे खड़ी बाईकों को भी पुलिस बल को साथ लेकर हटवा दिया गया था और आइंदा बाइकें मिलने पर सख्त चेतावनी दी गई थी।

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मुख्यमंत्री के आदेश हुए धराशायी

गत छह माह पूर्व योगी आदित्यनाथ मुख्यमंत्री ने आदेश जारी किए थे कि चोराहे व सड़कों के किनारे कोई वाहन नहीं खड़े होंगे। जिसके चलते सभी बस स्टैंड भी पुलिस प्रशासन ने बैठक कर अन्य स्थानों पर स्थानांतरित किए थे। लेकिन इन वाहनों को भला कौन हटवाए जब इन्हें पुलिस का पूर्ण संरक्षण प्राप्त है।
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सेटिंग के चलते,नियम कानून धड़ाम

कोतवाली, किला गेट, इमामगेट, पंजीठ व यमुना ब्रिज चौकी क्षेत्र से सभी वाहनों का परिचालन होता है। वाहनों में लाइटिंग व यातायात नियमों को दर्शाने वाली रिफ्लेक्टिग व धुआं उगलते वाहन प्रदूषण व अन्य कागजात पूरे नहीं होने के कारण भी यह वाहन दौड़ते नजर आते है। जो आए दिन हादसों का कारण बन रहे हैं।हादसों के बाद पुलिस की नींद खुलती है और उच्चाधिकारियों की नजर अपनी साफ छवि बनाने के लिए एक दो वाहन पर कार्रवाई करके ढिढोरा पीट दिया जाता है। जब मुखिया राजी तो क्या करेंगे बेचारे चौकी इंचार्ज।

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