मां ने तीन मासूमों को दिया जहर पदार्थ, तीनों की हुई मौत


- पानी में मिलाकर पिलाएं गए पदार्थ से एक पुत्र व दो पुत्री को सुलाया मौत की नींद



 कैराना : कलयुग के कारनामे दुनियां पर हावी हो रहें है। मां ने स्वयं अपने लख्ते जिगरों को जहरीले पानी का सेवन करकर आठ वर्षीय पुत्र व साढ़े चार वर्षीया व डेढ वर्षीया पुत्री की मेरठ के अस्पताल में मौत हो गई।

बुधवार की प्रात क्षेत्र के गांव पंजीठ में रूह कांपने वाली वारदात सामने आई है। जहां हैवान मां ने अपने पांच बच्चों में तीन मासूम बच्चों को पानी में जहर मिलाकर पिलाया दिया। जहरीले पदार्थ के सेवन के बाद आठ वर्षीय मोहम्मद साद ने मौके पर ही दम तोड़ दिया था। स्वजन गंभीर अवस्था में चार वर्षीय मिस्बाह व डेढ़ वर्षीय मन्ताशा पुत्री को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर भर्ती कराया। हालत गंभीर होने के बाद चिकित्सकों ने दोनों मासूमों को हायर सेंटर के लिए रेफर कर दिया है। मेरठ उपचार के लिए लेजाते हुए रास्ते मे चार वर्षीया मासूम मिस्बाह ने भी दम तोड़ दिया है। डेढ़ वर्षीया मंतशा की भी मौत हो गई। सूचना पर पहुंची पुलिस ने मोहम्मद साद को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। कोतवाली प्रभारी निरीक्षक पंकज कुमार त्यागी ने आरोपित मां सलमा को हिरासत में लेते हुए जहरीले पानी से भरे जग व उल्टी साफ करने वाले कपड़ों को कब्जे में ले लिया है। जिन्हें जांच के लिए प्रयोगशाला में भेजा जाएगा। दूसरी ओर चार वर्षीया मिस्बाह का मेरठ में पोस्टमार्टम कराया जारहा है। पिता मुरसलीन दिल्ली में फर्नीचर का कार्य करने के लिए गया हुआ था। छोटे भाई नौशाद की सूचना पर वह गांव में पहुंचा और मृतक बेटे के शव को देखकर फफक पड़ा। घटना से गांव में मातम छाया हुआ है। पूरा गांव महिला के कृत्य पर आश्चर्य एवं गम में डूबा हुआ है। मां बेटे के रिश्तों का कत्ल करते हुए उन्हें तार करने वाली महिला को भला भूरा कहने को मजबूर है। दिल्ली से पहुँचे मासूम बच्चों के पिता मुरसलीन ने पत्नी सलमा के खिलाफ कोतवाली में तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की गई। वरिष्ठ उपनिरीक्षक राजेश कुमार ने बताया कि मुकदमा दर्ज किया गया है।

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चूहों को मारनी वाली दवा का किया प्रयोग

गांव पंजीठ में मुरसलीन के आवास पर मौजूद मोहम्मद सादिक सैफी व स्वजन कह रहें थे कि गत मंगलवार को गांव में फेरी करने वाला व्यक्ति चूहों को मारने वाली दवाई बेच रहा था। वही हमारी गली में भी आया था। उससे ही दवाई खरीद कर घटना को शायद अंजाम दिया गया है। अन्यथा हमारे घर मे कोई जहरीला पदार्थ मौजूद नहीं था।
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एक वर्ष पूर्व घर के सामान में स्वयं लगा दी थी आग

कोतवाली में पहुँचे फुरकान ने बताया कि मुरसलीन, अरशद व भूरे सहित हम चार भाई है। मुरसलीन की पत्नी ने एक वर्ष पूर्व घर के सामान में आग लगा दी थी। उस दौरान मुरसलीन की ससुराल मुजफरनगर के सरवट गांव से लोगों ने आकर छोटे भाई मुरसलीन को बहुत भला बुरा कहा था। लेकिन उसके भाई ने अपने बच्चों के खातिर कोई जवाब नहीं दिया था। वह दिल्ली में मजदूरी कर अपने बच्चों को पढ़ाने का सपना रखता था।

इन्होंने कहा

 हिरासत में ली सलमा से पूछताछ की गई है। उसने यही उगला है कि दवाई समझकर भूलवश बच्चों को जहरीला पदार्थ दे दिया गया है। मुझे नहीं मालूम था कि बच्चों की मौत हो जाएगी। पुलिस पूछताछ में जुटी है।

राधेश्याम भारती, उपनिरीक्षक 
पंजीठ चौकी इंचार्ज कैराना

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