अतिक्रमण की कार्रवाई पर क्या बोला एक गरीब।साहब! अपने बच्चों के पेट कैसे पालूं?


सलीम फ़ारुकी कैराना।

- पालिका कर्मियों द्वारा अतिक्रमण कर रखे गए खोखा हटाए ही गरीब अपने चार मासूम बच्चों के साथ पहुंचा थाना समाधान दिवस बोला साहब कैसे भरूं इनका पेट

कैराना। पेट भरने का मात्र एक सहारा बना खोखा भी पालिका कर्मियों द्वारा तहस नहस करने के बाद पीड़ित थाना समाधान दिवस में डीएम-एसएस के समक्ष हाथ जोड़कर गिड़गिड़ाने लगा,बोला साहब चार बच्चों का पेट पालने के लिए मेरे पास कुछ नही बचा है।

शनिवार को कोतवाली परिसर में थाना समाधान दिवस का आयोजन किया गया था, जिसमें डीएम एसएसपी फरियादियों की समस्याएं सुन रहे थे।इसी दौरान मोहल्ला आलकलां निवासी कुछ लोगों ने जिलाधिकारी शामली जसजीत कौर के सामने शिकायती प्रार्थना पत्र प्रस्तुत कर मुख्य मार्ग पर पालिका की भूमि पर अतिक्रमण कर दुकानें सजाने की शिकायत की थी। मामले का संज्ञान लेते हुए तुरंत मौके पर मौजूद पालिका लिपिक रविंद्र को अतिक्रमण हटाने के लिए निर्देशित किया गया। चंद ही मिनटों में पालिका का महाबली मौके पर आ गया और 15 मिनट के अंतराल में भी भूमि को कब्जामुक्त करा लिया गया। इस बीच एक खोखा स्वामी अपने चार मासूम बच्चों को लेकर अधिकारियों के समक्ष आ पहुंचा और हाथ जोड़कर गिड़गिड़ाने लगा। उसने कहा साहब! मेरे चार मासूम बच्चों का पेट भरने के लिए खोखा ही एक मात्र सहारा था,जिसे पालिका कर्मियों ने तहस नहस कर दिया।

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