क्षेत्र ऊचागांव में चौथे दिन की कथा में बताया गया कि सुखदेव मुनि जी को कैसे ज्ञान प्राप्त हुआ और कल्याण का मार्ग कैसे प्रशस्त होता है उनके पिता के द्वारा उनको बताया गया।




सलीम फ़ारुकी कैराना।

मानव चेतना केंद्र आश्रम ऊचा गाँव में श्रीमद् देवी भागवत महापुराण कथा ज्ञान यज्ञ एवं शतचंडी महायज्ञ का आयोजन किया गया
प्रतिदिन की भांति आज भी सोमवार को ग्राम ऊंचा गांव स्थित मानव चेतना केंद्र आश्रम में श्रीमद् देवी भागवत महापुराण कथा ज्ञान एवं सत चंडी महायज्ञ के आयोजन मे महाराज श्री के द्वारा कथा में चतुर्थ दिवस में आज की कथा में स्वामी ब्रह्मस्वरूपानंद महाराज जी के द्वारा इन बातों पर प्रकाश डाला गया।
आज श्री स्वामी ब्रह्म स्वरूप आनंद जी महाराज ने बताया कि किस प्रकार श्री सुखदेव जी महाराज अपने पिता नरेश वेदव्यास जी के पास में ज्ञान लेने के लिए गये परंतु जाने से पूर्व उन्होंने कहा कि आप ही मेरा मार्ग दर्शन कर सकते हो । श्री सुखदेव जी महाराज ने कहा कि पिता श्री पहले कपड़ों को गंदा करो फिर उनको धोओ फिर गंदा करो, यह मेरे को अच्छा नहीं लगता । तो मह ऋषि वेदव्यास जी ने कहा कि हे पुत्र गृहस्थाश्रम सबसे बड़ा आश्रम है। जिसके ऊपर सन्यास, वानप्रस्थ और ब्रह्मचर्य तीनों आश्रम टिके हुए हैं तो यह सबसे श्रेष्ठ आश्रम है। गृहस्थ आश्रम मे अनेक युक्तियों के द्वारा ज्ञान किस प्रकार होता है इस प्रकार समझाया और बताया कि जब तक ह्रदय के अंदर वैराग्य उत्पन्न ना हो तो यह ज्ञान कभी टिकता नहीं है तो साधु संतों की शरण में जा कर के सब ओर से अपने मन को हटा करके जब आसक्ति रहित हो जाता है तब इस ज्ञान का उदय होता है जिसे समस्त जगत के कल्याण के लिए उन्होंने इस ज्ञान को प्रदान किया और जो निजानंद है और नियुक्ति है । उसको प्रदान किया। इस प्रकार स्वामी भ्रम स्वरूपानंद जी महाराज ने कथा के द्वारा बताया कि अपने मन को इधर-उधर से हटाकर ज्ञान और वैराग्य में लगाना चाहिए ना की किसी की निंदा और चुगली करनी चाहिए।
कथा समाप्त होने के तुरंत बाद ग्राम ऊंचा गांव निवासी स्वर्गीय श्री बाबूराम सरपंच जी के सुपुत्र द्वारा राम कुमार चौहान व शिव कुमार चौहान जी ने अपनी 2 बीघा जमीन ऊंचा गांव कैराना कांधला रोड पर स्थित आश्रम मानव चेतना केंद्र के नाम दान की है जिस का भूमि पूजन आज महाराज श्री जी की अध्यक्षता व समस्त ग्राम वासियों के सामने पूरे विधि विधान के साथ किया गया आवर भूमि पूजन के बाद नींव रखी गई जिस में उपस्थित अनिल चौहान हरपाल चौहान अजीत सिंह ज्ञानेंद्र चौहान मीता प्रधान सुरेश चौहान जितेंद्र चौहान राजवीर प्रधान दीपक कुमार शीशपाल चौहान आदि की अध्यक्षता में पूजन व नींव रखी गई ।
कथा के बाद आरती पूजन शास्त्रियों द्वारा श्री सज्जन शर्मा प्रवीण शर्मा राहुल शर्मा वह कंवर पाल शर्मा आदि शास्त्रियों के द्वारा कराया जाता है शाम के समय हवन का भी आयोजन प्रतिदिन होता रहता है। 
सुरेश चौहान अजय चौहान ज्ञानेंद्र चौहान कंवर पाल शर्मा रविंद्र कुमार दीपक कुमार मोहित कश्यप श्यामसुंदर चौहान मास्टर राधेश्याम शर्मा राकेश चौहान आदि

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