:-छात्रों के संदिग्ध परिस्थितियों में लापता होने से पुलिस व परिजनों में मचा हड़कंप, छात्रों की तलाश में परिजनों व ग्रामीणों ने साढ़े तीन घंटे तक छानी जंगलों की खाक
कैराना। विद्यालय जाने के लिए घर से निकले गांव जगनपुर के पांच छात्र ईंख के खेत में बैठे मिले। छात्रों की तलाश में परिजन व ग्रामीण करीब साढ़े तीन घंटे तक जंगलों की खाक छानते रहे। छात्रों के सकुशल मिलने से परिजनों ने राहत की सांस ली है।
कोतवाली क्षेत्र के गांव जगनपुर निवासी श्रवण का पुत्र वैभव, सरवेस का पुत्र अतुल, तेजपाल का पुत्र नैतिक व कृष्णपाल का पुत्र विधान पांचवी कक्षा के छात्र है, जबकि विधान का छोटा भाई वासु दूसरी कक्षा में पढ़ता है। पांचों बच्चे गांव कण्डेला के बाहरी छोर पर स्थित एक प्राइवेट विद्यालय के छात्र है। शुक्रवार प्रातः करीब साढ़े आठ बजे पांचों छात्र घर से स्कूल के लिए निकले थे। नौ बजे तक भी पांचों छात्र स्कूल नहीं पहुंचे, जिस पर प्रधानाध्यापक ने परिजनों को छात्रों के स्कूल न पहुंचने की सूचना दी। इस पर परिजनों में हड़कंप मच गया और वह लापता छात्रों की तलाश में निकल पड़े। परिजनों एवं ग्रामीणों ने करीब साढ़े तीन घंटे तक लापता छात्रों की तलाश में जंगलों की खाक छानी, लेकिन उनका कोई सुराग नही लगा। शामली व कैराना के रेस्तरां एवं होटलों पर भी बच्चों को तलाशा गया। लापता छात्रों का सुराग न लगता देख मामले की सूचना पुलिस को दी गई। पांच छात्रों के संदिग्ध परिस्थितियों में लापता होने की सूचना पर पुलिस में भी हड़कंप मच गया। आखिरकार करीब चार घंटे की गहन तलाश के बाद पांचों बच्चे ईंख के खेत में बैठे मिले। ईंख के जिस खेत से पांचों छात्र मिले है, वह विद्यालय से मात्र 200-250 मीटर दूर स्थित है। ईंख का यह खेत गांव जगनपुर निवासी प्रदीप नामक व्यक्ति का बताया गया है। छात्रों के सकुशल मिलने से परिजनों ने राहत की सांस ली है। वहीं, कोतवाली प्रभारी निरीक्षक सतीश कुमार का कहना है कि छात्र शिक्षक के भय की वजह से ईंख के खेत में छिपकर बैठ गए होंगे।
सचित्र...

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