नाला पटरी को अतिक्रमण मुक्त कराने और स्पीड ब्रेकर बनवाने की मांगनाले को ढककर सड़क बनाने से शहर को जाम से मिल सकती है राहत: मोनू शर्मा


शामली, 29 अक्टूबर। शामली शहर के दयानन्द नगर स्थित नाला पटरी पर अतिक्रमण और स्पीड ब्रेकर की कमी के कारण स्थानीय लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। इस समस्या को लेकर गली नंबर-3, नाला पटरी निवासी अधिवक्ता मोनू शर्मा ने जिलाधिकारी शामली को प्रार्थना पत्र देकर नाला पटरी से अतिक्रमण हटवाने और आवश्यक स्थानों पर स्पीड ब्रेकर बनवाने की मांग की है। इसके साथ ही उन्होंने नाले को ढककर सड़क का निर्माण कराने का सुझाव देते हुए कहा कि इससे शामली शहर को जाम की समस्या से राहत मिलने के साथ ही क्षेत्र के लोगों को गंदगी और दुर्गंध से भी छुटकारा मिल सकता है।

अधिवक्ता मोनू शर्मा ने जिलाधिकारी को दिए गए प्रार्थना पत्र में बताया कि दयानन्द नगर स्थित नाला पटरी पर काफी अतिक्रमण हो गया है। इसके कारण सड़क पर आवागमन प्रभावित होता है और लोगों को आने-जाने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। मार्ग पर स्पीड ब्रेकर नहीं होने के कारण वाहनों की तेज रफ्तार से दुर्घटनाओं की आशंका भी बनी रहती है। ऐसे में जनहित को ध्यान में रखते हुए मार्ग को अतिक्रमण मुक्त कराना और यातायात सुरक्षा के लिए आवश्यक कदम उठाना बेहद जरूरी है।

उन्होंने बताया कि नाला पटरी का यह मार्ग यातायात की दृष्टि से काफी महत्वपूर्ण है। कैराना और दिल्ली की ओर से आने-जाने वाले चार पहिया वाहन तथा बाइक चालक कम दूरी तय करने के लिए इस रास्ते का इस्तेमाल बाईपास के रूप में करते हैं। यह मार्ग दिल्ली-सहारनपुर मार्ग और कैराना-पानीपत-खटीमा मार्ग को मेरठ-करनाल हाईवे से जोड़ता है। इसी वजह से इस रास्ते पर वाहनों की आवाजाही बनी रहती है। ऐसे में सड़क पर अतिक्रमण और स्पीड ब्रेकर की कमी वाहन चालकों के साथ-साथ स्थानीय निवासियों के लिए भी परेशानी का कारण बन सकती है।

अधिवक्ता मोनू शर्मा ने बताया कि उक्त नाला सिंचाई विभाग का है। यदि नगरपालिका परिषद शामली सिंचाई विभाग से आवश्यक अनुमति लेकर नाले को ढकने और उसके ऊपर सड़क निर्माण कराने की व्यवस्था करती है, तो इससे क्षेत्र की कई समस्याओं का समाधान हो सकता है। उन्होंने कहा कि खुले नाले के कारण आसपास के लोगों को गंदगी और दुर्गंध का सामना करना पड़ता है। नाले को ढककर सड़क का निर्माण होने से क्षेत्रवासियों को इस समस्या से राहत मिल सकती है। साथ ही, आसपास के इलाके में साफ-सफाई की स्थिति बेहतर बनाने में भी मदद मिलेगी।

उन्होंने सुझाव दिया कि यदि नाले को ढककर उसके ऊपर सड़क बना दी जाए, तो एक वैकल्पिक मार्ग विकसित हो सकता है। इसका इस्तेमाल वाहन चालक शहर के भीड़भाड़ वाले रास्तों से बचने के लिए कर सकेंगे। इससे शहर के प्रमुख मार्गों पर वाहनों का दबाव कम करने और जाम की समस्या से राहत दिलाने में सहायता मिल सकती है। हालांकि, इस कार्य को पूरा करने के लिए संबंधित विभागों के बीच समन्वय और तकनीकी पहलुओं का आकलन करना आवश्यक होगा।

अधिवक्ता मोनू शर्मा ने प्रशासन से मांग की कि संबंधित विभाग के अधिकारियों को निर्देशित कर नाला पटरी से अतिक्रमण हटवाया जाए तथा यातायात की स्थिति का आकलन करने के बाद आवश्यक स्थानों पर स्पीड ब्रेकर बनवाए जाएं। इसके अलावा, सिंचाई विभाग से अनुमति लेकर नाले को ढकने और उसके ऊपर सड़क निर्माण कराने की संभावनाओं पर भी गंभीरता से विचार किया जाए, ताकि क्षेत्र के लोगों को बेहतर आवागमन की सुविधा मिल सके और शहर की यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाया जा सके।

उन्होंने जिलाधिकारी से जनहित में समस्या का संज्ञान लेकर उचित कार्रवाई करने की अपील की है। उन्होंने उम्मीद जताई कि जिला प्रशासन और नगरपालिका परिषद इस दिशा में आवश्यक कदम उठाकर स्थानीय निवासियों को राहत प्रदान करेंगे तथा शामली शहर को जाम, गंदगी और दुर्गंध की समस्या से निजात दिलाने में मदद मिलेगी।

गौरतलब है कि अधिवक्ता मोनू शर्मा, पुत्र विनोद कुमार शर्मा, निवासी गली नंबर-3, नाला पटरी, दयानन्द नगर, शामली ने 22 अक्टूबर 2026 को जिलाधिकारी को प्रार्थना पत्र देकर इन समस्याओं के समाधान की मांग की थी।

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