'समाज को जोड़ने के लिए सेतु का रोल अदा करें मुसलमान'



कैराना। अल कुरआन अकादमी कैराना के निदेशक मुफ़्ती अतहर शम्सी ने कहा है कि वर्तमान समय में जब समाज अविश्वास, अफवाहों और तनाव के कारण विभाजित हो रहा है, ऐसे में मुसलमानों की ज़िम्मेदारी है कि वह शांति, संयम और सच्चाई के वाहक बनें। उन्होंने कहा कि इस्लाम की बुनियादी शिक्षाएं 'कुरआन और सुन्नत' स्पष्ट रूप से यह निर्देश देती हैं कि उकसावे के जवाब में धैर्य, अफवाहों के स्थान पर सत्यापन और टकराव के बजाय सुलह को अपनाया जाए। उन्होंने कुरआन की आयतों का हवाला देते हुए कहा कि एक मोमिन की पहचान यह है कि उसके शब्दों और कर्मों से दूसरों को सुरक्षा मिले। मुफ़्ती अतहर शम्सी ने विशेष रूप से सोशल मीडिया के दौर में बिना जांच-पड़ताल के खबरें फैलाने को गंभीर खतरा बताते हुए कहा कि यह न केवल समाज में दरारें बढ़ाता है बल्कि हिंसा को भी जन्म दे सकता है। उन्होंने मुसलमानों से अपील की है कि वह हर सूचना को परखें और जिम्मेदारी के साथ व्यवहार करें। उन्होंने कहा कि पैगंबर मुहम्मद(सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) की ज़िन्दगी हमें सिखाती है कि वास्तविक शक्ति बदले में नहीं, बल्कि क्षमा, संयम और करुणा में है। ऐसे समय में मुसलमानों को चाहिए कि वह समाज में सेतु(पुल) का कार्य करें।

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