मदरसा इशा-अतुल- इस्लाम में कुरआन मुकम्मल होने पर रूहानी महफ़िल, शबे कद्र पर इबादत व दुआओं का खास एहतमाम



कैराना, 27 मार्च
पवित्र रमज़ान माह की सत्ताईसवीं शब के मुबारक मौके पर मिफ्ताहुल उलूम जलालाबाद के उस्ताद-ए-हदीस मौलाना मोहम्मद शुऐब मिफ्ताही ने अपने मुख्तसर मगर असरदार बयान में रमज़ान की अज़मत, शबे कद्र की बेपनाह फज़ीलत और कुरआन करीम की अहमियत पर रोशनी डाली। उन्होंने कहा कि रमजान रहमत और मगफिरत का महीना है, जबकि शबे कद्र हजार महीनों से अफजल रात है, जिसमें कुरआन का नुजूल हुआ। उन्होंने लोगों से अपील की कि इस मुबारक रात को इबादत, तौबा-इस्तिगफार और तिलावत-ए-कुरआन में गुजारें।

इस पाक मौके पर शहर की मस्जिदों और घरों में लगभग एक दर्जन से अधिक स्थानों पर तरावीह में कुरआन मुकम्मल किया गया। साथ ही कई स्थानों पर रूहानी दुआई महफ़िलों का आयोजन हुआ, जिसमें बड़ी संख्या में लोगों ने खुसू-खुजु के साथ शिरकत की।

इसी क्रम में पानीपत रोड स्थित मदरसा इशाअतुल इस्लाम में एक भव्य और रूहानी कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम की सदारत मौलाना मोहम्मद सऊद ने की, जबकि मुख्य अतिथि के रूप में मौलाना मोहम्मद शुऐब मिफ्ताही मौजूद रहे। इस दौरान हाफिज मोहम्मद आदिल कैरानवी ने तरावीह में कुरआन मुकम्मल किया, जबकि सामे के तौर पर हाफिज शरीअतुर्रहमान और मौलाना बिलाल अहमद ने अपनी सेवाएं दीं।

इस बिबरकत रात में उलेमाओं ने शबे कद्र की फज़ीलत बयान करते हुए अल्लाह तआला से खास दुआओं का एहतमाम कराया। तौबा और मगफिरत की इन दुआओं के दौरान माहौल गमगीन हो गया और कई लोगों की आंखें नम हो गईं।

कार्यक्रम में पूर्व चेयरमैन राशिद अली, हाजी शराफत खान, कारी मोहम्मद इरफान शामली, मौलाना सूफियान कासमी, मौलाना मोहम्मद अजीम मिफ्ताही, कारी मोहम्मद साजिद, कारी मोहम्मद मुबीन, अज़मत कैरानवी, आमिर खान, शाहज़र खान, पत्रकार संगठन के संरक्षक मेहराब चौधरी, मेहरबान अली कैरानवी, अल्ताफ चौधरी और फारूक़-ए- आज़म फरीदी सहित बड़ी संख्या में अकीदतमंद मौजूद रहे।

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