अकीदत के साथ अदा हुई रमज़ान के तीसरे जुमे की नमाज़, पुलिस-प्रशासन रहा चाक-चौबंद



कैराना, 6 मार्च।
नगर की विभिन्न मस्जिदों में शुक्रवार को रमज़ान के तीसरे जुमे की नमाज़ अकीदत और सम्मान के साथ अदा की गई। इस दौरान बड़ी संख्या में मुस्लिम समाज के लोगों ने मस्जिदों में पहुंचकर इबादत की और अल्लाह की बारगाह में अमन-चैन व खुशहाली की दुआ मांगी। जुमे के खुत्बों में उलेमाओं ने रमज़ान की अहमियत, उसकी बरकतों तथा रोजा और तरावीह की खासियत पर रोशनी डालते हुए लोगों को इस पाक महीने का पूरा लाभ उठाने की नसीहत दी।

नगर की केंद्रीय जामा मस्जिद, मदरसा इशाअतुल इस्लाम, शामली बस स्टैंड मस्जिद, दरबार कलां मस्जिद, मस्जिद मक्की दरबार और मस्जिद बंगला में क्रमशः मौलाना मोहम्मद ताहिर, मौलवी अब्दुल अज़ीम، कारी मोहम्मद अनीस, मुफ्ती अब्दुल कुद्दूस, मौलाना मोहम्मद मुमशाद और मौलाना मोहम्मद याकूब ने नमाज़ अदा कराई और खुत्बा पेश किया।

मदरसा इशाअतुल इस्लाम में मौलाना बिलाल अहमद बजरोलवी ने अपने संबोधन में कहा कि रमज़ान रहमत, मगफिरत और निजात का महीना है। इस मुबारक महीने में अल्लाह अपने बंदों पर खास रहमतें नाज़िल करता है। उन्होंने कहा कि रोज़ा इंसान में तकवा, सब्र और त्याग की भावना पैदा करता है, जबकि तरावीह के जरिए कुरआन से जुड़ाव मज़बूत होता है। उन्होंने लोगों से अपील की कि इस पाक महीने में ज़्यादा से ज़्यादा इबादत करें, कुरआन की तिलावत करें और जरूरतमंदों की मदद कर अल्लाह की रज़ा हासिल करें।

रमज़ान के तीसरे जुमे के मद्देनजर नगर में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी रही। मस्जिदों के आसपास पुलिस-प्रशासन पूरी तरह चाक-चौबंद नज़र आया और शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए विशेष निगरानी रखी गई।

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