ईदगाह जाने वाले मुस्लिमों को रास्ते में रोके जाने पर प्रशासन के खिलाफ शिकायत


कैराना, 23 मार्च ईद-उल-फितर के अवसर पर हुए एक घटनाक्रम को लेकर स्थानीय मुस्लिम समुदाय ने तहसील प्रशासन के खिलाफ शिकायत पत्र सौंपा है। शिकायत में प्रशासन के रवैये पर नाराजगी जताते हुए भविष्य में इस तरह की कार्रवाई से बचने की अपील की गई है।

शिकायत के अनुसार गत शनिवार 21 मार्च 2026 को ईद-उल-फितर के मौके पर मुस्लिम समाज के लोग शांतिपूर्ण तरीके से ईदगाह में नमाज अदा करने जा रहे थे। नमाज का समय सुबह 7:30 बजे निर्धारित था, लेकिन आरोप है कि प्रशासन ने सुबह 7:00 बजे के बाद ही इमाम गेट चौराहे पर बैरिकेडिंग कर रास्ता बंद कर दिया। इससे नमाजियों को ईदगाह पहुंचने में काफी परेशानी का सामना करना पड़ा।

शिकायत में यह भी कहा गया है कि ईदगाह में पर्याप्त स्थान उपलब्ध था, इसके बावजूद रास्ता बंद करना अनावश्यक कदम था। साथ ही, जामा मस्जिद के गेट पर भी इसी प्रकार का व्यवहार किया गया, जहां कथित रूप से मुस्लिमों को अंदर जाने से रोका गया।

प्रार्थना पत्र में इस बात पर जोर दिया गया है कि भारत एक लोकतांत्रिक देश है, जहां हर नागरिक को अपने धार्मिक त्योहार और पूजा-पाठ करने का पूरा अधिकार है। मुस्लिम समुदाय ने अपने इस मूल अधिकार की रक्षा की मांग करते हुए प्रशासन से न्याय की अपील की है।

आवेदकों ने तहसील प्रशासन से मांग की है कि भविष्य में इस प्रकार के किसी भी भेदभावपूर्ण या अनुचित व्यवहार से बचा जाए, ताकि क्षेत्र में शांति और सौहार्द बना रहे तथा सांप्रदायिक सद्भाव को कोई नुकसान न पहुंचे।

यह शिकायत पत्र जामा मस्जिद के इमाम मौलाना मोहम्मद ताहिर, ईदगाह कैराना के जिम्मेदारों तथा स्थानीय मुस्लिम समाज की ओर से सौंपा गया है। इसमें स्पष्ट किया गया है कि वे आपसी भाईचारे और शांति के साथ अपने धार्मिक कर्तव्यों का पालन करना चाहते हैं और प्रशासन से भी इसी सहयोग की अपेक्षा रखते हैं।

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