कैराना के पानीपत रोड स्थित प्राचीन धार्मिक शिक्षण संस्थान इशाअतुल इस्लाम में वार्षिक परीक्षाएं शांतिपूर्ण एवं सफलतापूर्वक संपन्न हो गईं। संस्थान के प्रधानाचार्य मौलाना बरकतुल्लाह अमीनी ने जानकारी देते हुए बताया कि इस वर्ष स्थानीय एवं बाहरी मिलाकर लगभग 300 विद्यार्थियों ने परीक्षा में भाग लिया।
परीक्षाओं के दौरान हिफ़्ज़ एवं नाज़िरा, धार्मिक शिक्षा के साथ-साथ गणित, विज्ञान, उर्दू, हिंदी और अंग्रेज़ी जैसे आधुनिक विषयों में विद्यार्थियों की शैक्षणिक क्षमता का मूल्यांकन किया गया। परीक्षा प्रक्रिया की निगरानी एवं उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन हेतु जनपद शामली के प्रतिष्ठित शिक्षण संस्थान मिफ़्ताहुल उलूम जलालाबाद के अरबी शिक्षक मौलाना मोहम्मद शुऐब मिफ़्ताही सहित क़ारी अब्दुर्रहमान इशाअती, क़ारी हकीम मोहम्मद अख़्तर बुढ़ानवी, मौलाना मोहम्मद उमैर नदवी, क़ारी मोहम्मद मुबीन शाह एवं क़ारी मोहम्मद फ़ुरक़ान नंगला राइन ने परीक्षक के रूप में अपनी सेवाएं दीं।
इस अवसर पर मौलाना मोहम्मद शुऐब मिफ़्ताही ने कहा कि वर्तमान समय में मदरसों में धार्मिक शिक्षा के साथ-साथ आधुनिक विषयों की शिक्षा भी दी जा रही है, जो अत्यंत सराहनीय है। उन्होंने समाज से अपील की कि ऐसे शिक्षण संस्थानों की भरपूर सहायता की जाए, क्योंकि यहां शिक्षा निःशुल्क प्रदान की जाती है और इसके संचालन में समाज के आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग का विशेष योगदान रहता है।
उन्होंने मदरसों को संस्कार, नैतिकता एवं चरित्र निर्माण का केंद्र बताते हुए कहा कि इन संस्थानों में बच्चों को केवल पुस्तकीय ज्ञान ही नहीं, बल्कि मानवता और सदाचार की शिक्षा भी दी जाती है।
परीक्षाओं के समापन अवसर पर मौलाना बिलाल बिजरोलवी, मौलाना सुफ़ियान मिफ़्ताही, मास्टर समीउल्लाह क़ासमी, क़ारी साजिद ख़ान, मौलाना मोहम्मद अज़ीम मिफ़्ताही, डॉ. अज़मतुल्ला ख़ान, क़ारी मोहम्मद नाज़िम ख़ान, इंतजार अंसारी , शराफ़त ख़ान तथा मास्टर मोहम्मद दानिश सैफी सहित अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

0 Comments