कैराना ।क्षेत्र के ग्राम पंचायत पावटी कलां स्थित मदरसा दारुल उलूम मसीहिया में रविवार को दीनी तालीमी और इस्लाही सालाना जलसे का आयोजन किया गया। जलसे में दूर-दराज़ से आए उलेमा-ए-किराम, हाफिज़ और बड़ी संख्या में अकीदतमंदों ने शिरकत की।
कार्यक्रम की शुरुआत तिलावत-ए-कुरआन से हुई। इसके बाद वक्ताओं ने दीनी तालीम, अख़लाक़, समाज में भाईचारे और तालीम की अहमियत पर रोशनी डाली।
इस अवसर पर 8 तलबा की दस्तरबंदी भी की गई। दस्तरबंदी के दौरान मौजूद उलेमा ने तलबा के उज्ज्वल भविष्य की दुआ की और उन्हें इल्म-ए-दीन को आगे बढ़ाने की नसीहत दी।
जलसे का निजामत मौलाना वासिल अल हुसैनी ने की, जबकि कार्यक्रम कारी वासिफ वक्फ दारुल उलूम देवबंद की दुआ पर संपन्न कराया गया।
जलसे में कई नामवर उलेमा और समाजसेवी मौजूद रहे, जिनमें मौलाना याकूब जलालाबाद, मौलाना महमूद जलालाबाद, कारी इसराइल गोगवान, मौलाना तालिब, कारी साद आलम, मौलाना सुहैल, मौलाना मुशर्रफ, मौलाना अनस, हाफिज़ अब्दुल कादिर, जावेद प्रधान, मास्टर वकील अहमद, चौधरी कय्यूम, चौधरी तसव्वुर, मास्टर आलिम और अन्य ग्राम वासी शामिल थे।
अंत में, मदरसे के मोहतमिम कारी मतलूब हसन ने सभी आए हुए मेहमानों का धन्यवाद किया और आयोजन को सफल बनाने में मदद करने वाले सभी लोगों की सराहना की।
जलसे में उपस्थित लोगों ने कहा कि इस तरह के कार्यक्रम समाज में भाईचारे और तालीम के प्रचार-प्रसार में महत्वपूर्ण योगदान देते हैं।

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