ग़ज़ल की एक शाम दिलशाद दर्द देहलवी के नाम से शेरी नशसित का हुआ आयोजन।


दर्द देहलवी को शाल ओढ़ाकर व शील्ड देकर सम्मानित किया गया।

कैराना। गत रात्रि नगर मौहल्ला खैलकलां निकट इमाम गेट पर एक शेरी नशसित का आयोजन किया गया।
जिसमें दूर दूर से आये शायरों ने अपने अपने कलाम पेश करते हुए महफ़िल को रोनक बक्शी,
शेरी नशसित का आगाज़ कारी मुज़म्मिल की नात शरीफ से हुआ,सदारत राशिद अली ने की वहीं शमा रोशन अब्दुर्रहमान ने की।
शेरी नशसित का सफल संचालन देवबंद के मशहूर शायर गुलज़ार जिगर ने किया।
नशसित को कामयाब बनाने में हाजी अकबर अंसारी, सूफीयाना युवा शायर, जुनैद अख्तर कांधला,अनीस जिगर पानीपती, फुरकान अहमद कैरानवी, मास्टर अतीक शाद, नौशाद देहरादून, कवित्री निकहत अमोहावी आदि ने शेर सुना कर श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। शेरी नशसित रात्रि नौ बजे से देर रात तक चली।

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